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UPL Q1 Results: कंपनी का नेट प्रॉफिट 81% गिरकर 166 करोड़ रुपये, आय में दिखी गिरावट

UPL Q1 Results: UPL Ltd ने वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में 166 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 877 करोड़ रुपये से मुनाफा 81.1 प्रतिशत कम रहा। सालाना आधार पर कंपनी की आय में 17.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,963 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की समान तिमाही में आय 10,821 करोड़ रुपये रही थी

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Jul 31, 2023 पर 4:59 PM
UPL Q1 Results: कंपनी का नेट प्रॉफिट 81% गिरकर 166 करोड़ रुपये, आय में दिखी गिरावट
UPL Ltd के शेयर पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद एनएसई पर 31 जुलाई को 0.1 प्रतिशत गिर कर 624.70 रुपये पर बंद हुए

UPL Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी यूपीएल लिमिटेड (UPL Ltd) ने अप्रैल-जून तिमाही में 166 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। ये मुनाफा पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 877 करोड़ रुपये से 81.1 प्रतिशत कम है। शुद्ध मुनाफा भी स्ट्रीट की 262 करोड़ रुपये की उम्मीद से कम रहा। सालाना आधार पर कंपनी की आय में 17.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आय पहली तिमाही में गिरकर 8,963 करोड़ रुपये हो गई। जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 10,821 करोड़ रुपये रही थी। ब्रोकरेज के एक सर्वेक्षण में यूपीएल की आय का अनुमान 9,790 करोड़ रुपये लगाया गया था। कंपनी ने कमजोर तिमाही आय के पीछे उद्योग में छाई मंदी को कारण बताया।

यूपीएल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीईओ माइक फ्रैंक (Mike Frank, CEO, UPL Corporation Ltd) ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "वैश्विक एग्रोकेमिकल उद्योग पिछली दो तिमाहियों से चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है क्योंकि डिस्ट्रीब्यूटर्स ने डीस्टॉकिंग को प्राथमिकता दी है। उच्च चैनल इन्वेंट्री के बीच रणनीतिक खरीद पर फोक्स किया है।" फ्रैंक ने आगे कहा कि पिछले वर्ष के हाई बेस और चीनी पोस्ट पेटेंट निर्यातकों से हमने जो आक्रामक मूल्य प्रतिस्पर्धा देखी है, उसे देखते हुए बाजार में प्राइसिंग का दबाव देखा जा रहा है।"

कमजोर मांग के माहौल को ध्यान में रखते हुए UPL ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने रेवन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 4-8 प्रतिशत से घटाकर 1-5 प्रतिशत कर दिया। जो कि उसकी टॉपलाइन पर लंबे समय तक दबाव की ओर इशारा करता है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने FY24 मार्जिन ग्रोथ गाइडेंस को भी पहले के 6-10 प्रतिशत से घटाकर 3-7 प्रतिशत कर दिया।

EBITDA और मार्जिन पर भी रहा दबाव

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