कर्ज चुकाने में काफी मुश्किल का सामना कर रही है फ्यूजन फाइनेंस, ऑडिटर ने किया खुलासा

वॉरबर्ग पिनकस की अगुवाई वाले फ्यूजन फाइनेंस (फ्यूजन माइक्रोफाइनेंस) ने सितंबर तिमाही में 305 करोड़ रुपये का नुकसान घोषित किया है, जबकि इसके वैधानिक ऑडिटर डेलॉइट हैस्किन्स एंड सेल्स (Deloitte Haskins & Sells) ने अपने लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में कहा है कि इस बात को लेकर संदेह है कि भविष्य में कंपनी का कारोबार ठीक से चलता रहेगा। ऑडिटर ने लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट के क्लॉज 8 में कहा है, ' 30 सितंबर को खत्म हुई तिमाही और छमाही का स्टेटमेंट इस आधार पर तैयार किया गया है कि आगे भी कंपनी का कामकाज ठीक से चलता रहेगा'

अपडेटेड Nov 17, 2024 पर 10:50 PM
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ऐसा पहली बार नहीं है, जब फ्यूजर फाइनेंस ने लोन की शर्तों का उल्लंघन किया है।

वॉरबर्ग पिंकस की अगुवाई वाली कंपनी फ्यूजन फाइनेंस (फ्यूजन माइक्रोफाइनेंस) ने सितंबर तिमाही में 305 करोड़ रुपये का नुकसान घोषित किया है, जबकि इसके वैधानिक ऑडिटर डेलॉइट हैस्किन्स एंड सेल्स (Deloitte Haskins & Sells) ने अपने लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में कहा है कि इस बात को लेकर संदेह है कि भविष्य में कंपनी की वित्तीय स्थिति ठीक रहेगी। ऑडिटर ने लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट के क्लॉज 8 में कहा है, '30 सितंबर को खत्म हुई तिमाही और छमाही का स्टेटमेंट इस आधार पर तैयार किया गया है कि आगे भी कंपनी का कामकाज ठीक से चलता रहेगा। हालांकि, 30 सितंबर 2024 के मुताबिक, कंपनी ने कई वित्तीय समझौते ( 5,618 करोड़ रुपये की उधारी के मामले में) का उल्लंघन किया है, नतीजतन इन उधारों का भुगतान बाकी है। कंपनी बैलेंस शीट डेट से कम से कम 12 महीने तक भुगतान की छूट हासिल करने के लिए लेंडर्स से बात कर रही है।'

ऑडिटर का कहना है कि लेंडर्स ने तत्काल भुगतान के अपने अधिकार को लेकर कोई छूट नहीं दी है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'इस शर्त की वजह से अनिश्चितता का माहौल बन सकता है और फाइनेंशियल जिम्मेदारी पूरी करने की कंपनी की क्षमता को लेकर संदेह पैदा हो सकता है। मुमकिन है कि कंपनी तय समय में अपनी संपत्तियां हासिल करने और दायित्वों को पूरा करने में सक्षम नहीं रहे।'

डेलॉइट का आगे कहना है कि कंपनी आगे अपने दायित्वों को भुगतान ठीक तरह से करती रहेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कर्ज की तत्काल भुगतान की लेंडर्स की मांग से उसे छूट मिलती है या नहीं। ऐसा पहली बार नहीं है, जब फ्यूजर फाइनेंस ने लोन की शर्तों का उल्लंघन किया है। यहां तक कि जून तिमाही में भी ऑडिटर ने पाया था कि कंपनी ने कुछ उधारी के मामले में तय समय पर भुगतान नहीं किया है।

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