टाटा-मिस्त्री की लड़ाई जारी, टाटा के पक्ष में उतरे बी मुथुरमन

टाटा और सायरस मिस्त्री के बीच झगड़े में दोनों तरफ से हमले का सिलसिला जारी है।

अपडेटेड Nov 23, 2016 पर 7:14 PM

टाटा और सायरस मिस्त्री के बीच झगड़े में दोनों तरफ से हमले का सिलसिला जारी है। कोरस के अधिग्रहण को लेकर साइरस मिस्त्री ने रतन टाटा पर जो आरोप लगाए हैं उनके जवाब में टाटा स्टील के पूर्व एमडी बी मुथुरमन सामने आए हैं। बी मुथुरमन ने आज एक स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा है कि कोरस के अधिग्रहण को लेकर जिस तरह बेतुकी बातें मीडिया में आ रही है उससे वो काफी दुखी हैं।

बी मुथुरमन के मुताबिक कोरस के अधिग्रहण का फैसला काफी सोच विचार के बाद लिया हुआ फैसला था। कोरस का अधिग्रहण टाटा स्टील की लॉन्ग टर्म पॉलिसी में सही बैठता था और पूरे बोर्ड की सहमति के बाद इस पर आगे बढ़ा गया। बी मुथुरमन के मुताबिक कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते जिस कीमत पर अघिग्रहण किया गया था वो सही था। अधिग्रहण के बाद कोरस का प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा था लेकिन 2008 की मंदी से पूरी दुनिया के हालात बदले थे जिसका असर कोरस पर भी पड़ा था।

दूसरी तरफ टीसीएस के पूर्व सीएफओ एफ सी कोहली भी रतन टाटा के पक्ष में सामने आए हैं। उन्होंने मिस्त्री के इस आरोप को गलत बताया है कि रतन टाटा टीसीएस को आईबीएम को बेचने की कोशिश कर रहे थे। कोहली ने कहा कि वो आईबीएम को भारत लाने वाले फैसले में शामिल थे और रतन टाटा ने कभी टीसीएस को आईबीएम के हाथों बेचने की बात नहीं की थी। आईबीएम के साथ सिर्फ ज्वाइंट वेंचर की बात की गई थी ताकि इंडस्ट्री को बढ़ावा मिले।

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