कंस्ट्रक्शन कंपनी एचसीसी के लेनदारों ने कर्ज रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है। एस4ए यानि सस्टेनेबल स्ट्रक्चरिंग ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स नियमों के तहत एचसीसी के कर्ज रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिली है। रीस्ट्रक्चरिंग के तहत कर्ज को 2 हिस्सों में बांटा जाएगा। आपको बता दें कि एचसीसी पर फिलहाल 12000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इस कर्ज को कम करने के लिए कंपनी नॉन-कोर एसेट बेचने के लिए भी तैयार है।
एचसीसी के सीएमडी, अजीत गुलाबचंद ने बताया कि सस्टेनेबल स्ट्रक्चरिंग ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स नियमों के तहत 4800 करोड़ रुपये के कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग संभव है। सस्टेनेबल स्ट्रक्चरिंग ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स नियमों के तहत रीस्ट्रक्चरिंग से कर्ज का भुगतान करने में काफी आसानी होगी।
अजीत गुलाबचंद ने ये भी कहा कि कंपनी को अभी तक सरकारी एजेंसियों से 11000 करोड़ रुपये की रकम नहीं मिली है, ऐसे में बैंकों को कर्ज का भुगतान करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन एस4ए के तहत कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग से ब्याज आय का दबाव थोड़ा कम हो सकेगा। फिलहाल एचसीसी की ब्याज लागत 600 करोड़ रुपये के आसपास है।