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ऑटो सेक्टर में भारतीय कंपनियों को अग्रणी भूमिका निभाने की जरूरत: जिंदल

जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में एंट्री के अलावा स्टील, सीमेंट, एनर्जी और पेंट जैसे सेक्टरों में 70 अरब डॉलर के निवेश का प्लान तैयार किया है। ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सज्जन जिंदल ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में ग्रुप के बिजनेस रोडमैप, स्पोर्ट्स को लेकर अपने जुनून आदि के बारे में बात की। साथ ही, यह भी बताया कि किस तरह से जिंदल बंधु पारिवारिक रिश्तों को बरकरार रखते हुए बिजनेस में प्रतिस्पर्धा करते हैं। सज्जन जिंदल का कहना है कि भारतीय कंपनियों को ऑटो सेक्टर में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 02, 2024 पर 3:40 PM
ऑटो सेक्टर में भारतीय कंपनियों को अग्रणी भूमिका निभाने की जरूरत: जिंदल
ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सज्जन जिंदल ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में ग्रुप के बिजनेस रोडमैप, स्पोर्ट्स को लेकर अपने जुनून आदि के बारे में बात की।

जेएसडब्ल्यू ग्रुप (JSW Group) ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में एंट्री के अलावा स्टील, सीमेंट, एनर्जी और पेंट जैसे सेक्टरों में 70 अरब डॉलर के निवेश का प्लान तैयार किया है। ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सज्जन जिंदल ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में ग्रुप के बिजनेस रोडमैप, स्पोर्ट्स को लेकर अपने जुनून आदि के बारे में बात की। साथ ही, यह भी बताया कि किस तरह से जिंदल बंधु पारिवारिक रिश्तों को बरकरार रखते हुए बिजनेस में प्रतिस्पर्धा करते हैं। सज्जन जिंदल का कहना है कि भारतीय कंपनियों को ऑटो सेक्टर में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

ग्रुप ने हाल में 70 अरब डॉलर के कैपिटल एक्सपेंडिचर का ऐलान किया है। इस रकम से किन सेक्टरों में निवेश किया जाएगा, इस पर जिंदल ने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर का सबसे ज्यादा आवंटन जेएसडब्ल्यू स्टील में है। इसमें सालाना 25,000 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। साथ ही, आने वाले समय में रिन्यूएबल एनर्जी और थर्मल एनर्जी में जबरदस्त निवेश की जरूरत होगी। उनके मुताबिक, इसके अलावा, पेंट और ऑटो सेगमेंट में भी निवेश किया जाएगा, लेकिन इसमें अपेक्षाकृत कम पूंजी की जरूरत होती है।

कंपनी की योजना इस दशक के अंत तक स्टील का प्रोडक्शन 2.9 करोड़ टन से बढ़ाकर 5 करोड़ टन करने की है। क्या इस ग्रोथ के लायक बाजार में मांग है? इस पर उन्होंने बताया कि पिछले दो-ढाई साल में भारतीय स्टील की मांग में सालाना 10% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हो रही है और तमाम इंडस्ट्री से जुड़ी क्षमताओं में बढ़ोतरी हो रही है। लिहाजा, मांग बढ़ सकती है।

यह पूछे जाने पर क्या अमेरिका की टैरिफ स्ट्रैटेजी से कंपनी के स्टील बिजनेस पर असर पड़ा है, सज्जन जिंदल का कहना था कि जेएसब्ल्यू स्टील अब भारत से अमेरिका को स्टील एक्सपोर्ट नहीं करता है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 25 पर्सेंट टैरिफ लगा दिया था। हालांकि, कंपनी के पास अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है, जहां स्थानीय स्तर पर स्टील का प्रोडक्शन कर इसकी बिक्री की जाती है।

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