इंफोसिस के लिए बढ़ सकती है मुश्किल, टैक्स चोरी के मामले में 32,000 करोड़ रुपये का GST नोटिस

आईटी कंपनी इंफोसिस को 32,000 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी के मामले में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस से नोटिस मिला है। मनीकंट्रोल ने इस नोटिस से जुड़े दस्तावेज की कॉपी भी देखी है। इस दस्तावेज में कहा गया है, 'मेसर्स इंफोसिस लिमिटेड, बेंगलुरु को भारत से बाहर मौजूद ब्रांच से मिली सप्लाई के आधार पर रिवर्स चार्ज मेकेनिज्म के तहत 2017-18 (जुलाई 2017 से) से 2021-22 तक की अवधि के लिए 32,403.46 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला है

अपडेटेड Jul 31, 2024 पर 8:38 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
30 जून को खत्म तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7.1 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 6,368 करोड़ रुपये था।

आईटी कंपनी इंफोसिस को 32,000 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी के मामले में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस से नोटिस मिला है। मनीकंट्रोल ने इस नोटिस से जुड़े दस्तावेज की कॉपी भी देखी है। इस दस्तावेज में कहा गया है, 'मेसर्स इंफोसिस लिमिटेड, बेंगलुरु को भारत से बाहर मौजूद ब्रांच से मिली सप्लाई के आधार पर रिवर्स चार्ज मेकेनिज्म के तहत 2017-18 (जुलाई 2017 से) से 2021-22 तक की अवधि के लिए 32,403.46 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला है।

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में रिवर्स चार्ज मेकेनिज्म एक ऐसा सिस्टम है, जहां सप्लायर के बजाय गुड्स या सर्विसेज हासिल करने वाले को टैक्स देना पड़ता है। दस्तावेज में आगे कहा गया है कि इंफोसिस विदेशी ब्रांचों पर किए गए खर्चों को भारत से एक्सपोर्ट इनवॉयस के तौर पर शामिल कर रहा था और इस एक्सपोर्ट वैल्यू के आधार पर रिफंड का आकलन कर रहा था।

बेंगलुरु की इस कंपनी से जुड़ी पेनाल्टी की यह रकम कंपनी का तकरीबन एक साल का प्रॉफिट और तिमाही रेवन्यू के तकरीबन 50% हिस्से के बराबर है। 30 जून को खत्म तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7.1 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 6,368 करोड़ रुपये था, जबकि ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटेड रेवन्यू 3.6 पर्सेंट ज्यादा 39,315 करोड़ रुपये था।


इंफोसिस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) का पोर्टल भी मैनेज करती है। GSTN ने GST के लिए इनडायरेक्ट टैक्सेशन प्लेटफॉर्म बनाया है, ताकि भारत में टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने, इनडायरेक्ट टैक्स लाइबिलिटीज का भुगतान करने और अन्य कंप्लायंस में मदद मिल सके।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।