नवंबर में भी सुस्त रही माइक्रो फाइनेंस सेक्टर में लोन बांटने की रफ्तार, इंडस्ट्री के लिए बढ़ सकती है मुश्किल

नवंबर में भी माइक्रो फाइनेंस सेक्टर के लोन बांटने में सुस्ती का सिलसिला जारी रहा। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, इस सेगमेंट में काम करने वाले बैंक और नॉन-बैंकिंग कंपनियों द्वारा नवंबर के दौरान फ्रेश लोन के वितरण में काफी कमी रही। माइक्रो फाइनेंस सेगमेंट में काम करने वाली एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के सीईओ ने बताया, 'ज्यादातर लेंडर्स ने लोन बांटने में कटौती की है, लिहाजा लगातार दूसरे महीने लोन वितरण का मामला कमजोर रहा है'

अपडेटेड Nov 29, 2024 पर 10:01 PM
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माइक्रो फाइनेंस इंडस्ट्री एसोसिएशंस का नवंबर का सही-सही आंकड़ा आने में थोड़ा वक्त लग सकता है।

नवंबर में भी माइक्रो फाइनेंस सेक्टर के लोन बांटने में सुस्ती का सिलसिला जारी रहा। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, इस सेगमेंट में काम करने वाले बैंक और नॉन-बैंकिंग कंपनियों द्वारा नवंबर के दौरान फ्रेश लोन के वितरण में काफी कमी रही। माइक्रो फाइनेंस सेगमेंट में काम करने वाली एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के सीईओ ने बताया, 'ज्यादातर लेंडर्स ने लोन बांटने में कटौती की है, लिहाजा लगातार दूसरे महीने लोन वितरण का मामला कमजोर रहा है।'

उनकी इस राय से एक बैंक के सीईओ ने भी सहमति जताई। बैंक के सीईओ के मुताबिक, बोर्ड ने इस समय ग्रोथ पर फोकस करने के बजाय ऐसे MFI बॉरोअर्स के पूल को बनाए रखने पर फोकस किया है, जो बतौर स्टैंडर्ड एकाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट में नहीं तब्दील हुए हैं। उन्होंने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया, 'हम इस महीने लोन के वितरण को लेकर सावधानी बरत रहे हैं और सिर्फ ऐसे बॉरोअर्स को कर्ज दे रहे हैं, जो हमारे बही-खातों में पहले से मौजूद हैं।'

बहरहाल, माइक्रो फाइनेंस इंडस्ट्री एसोसिएशंस का नवंबर का सही-सही आंकड़ा आने में थोड़ा वक्त लग सकता है, लेकिन सितंबर तिमाही में लिस्टेड NBFC-MFIs के लोन डिस्बर्समेंट में 11-17 पर्सेंट की गिरावट देखने को मिली। छोटे फाइनेंस बैंक और अन्य बैंकों में भी इसी तरह का ट्रेंड था, जिनकी MFI लोन में कुल हिस्सेदारी 50 पर्सेंट है।


हालांकि, सभी इंडस्ट्री लीडर्स इस राय से सहमत नहीं हैं। NBFC-MFI सेक्टर से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगर लोन वितरण पर लंबे समय तक अंकुश लगा रहता है, तो इससे इंडस्ट्री के लिए और मुश्किल खड़ी हो जाएगी। एक NBFC-MFI इकाई के सीईओ का कहना था कि ज्यादातर लेंडर्स पोर्टफोलियो की सुरक्षा करने के बजाय इसे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो यह माइक्रो फाइनेंस इंडस्ट्री की समस्या सुलझाने के बजाय इसके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।'

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