नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल ( NCLAT) ने विप्रो के खिलाफ इंसॉल्वेंसी संबंधी कार्रवाई शुरू करने की मांग को खारिज कर दिया है। यह याचिका कंपनी के क्रेडिटर की तरफ से दायर की गई थी। अपीलेट ट्राब्यूनल की दो सदस्यों की चेन्नई बेंच ने कहा कि विप्रो और याचिकाकर्ता के बीच भुगतान को लेकर पहले से विवाद है। ट्राब्यूनल का यह भी कहना था कि इंसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड, सिर्फ लेनदारों (क्रेडिटर्स) की रिकवरी में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
