रतन टाटा ने टाटा ग्रुप का अंतरिम चेयरमैन बनने के साथ ही बड़े फैसले लिए हैं। एक तरफ उन्होने कंपनी बोर्ड में नए चेहरों की नियुक्ति की है वहीं उन्होने सायरस मिस्त्री की तरफ से किसी भी तरह के लीगल एक्शन के लिए पहले से ही अलग-अलग अदालतों में कैविएट दाखिल कर दिए हैं। ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड में आज 2 नए चेहरे शामिल किए गए हैं।
खास बात ये है कि ये दोनों नाम टाटा ग्रुप की उन दो कंपनियों से आए हैं जो इस वक्त अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। ये हैं जेएलआर के सीएफओ राल्फ स्फेट और टीसीएस के सीईओ एन चंद्रशेखरन। दोनों ही कंपनियां इस वक्त टाटा ग्रुप में बाकी कंपनियों के मुकालबे अच्छी हालत में हैं। इस फैसले से रतन टाटा ने ये संदेश देने की भी कोशिश की है कि कंपनी का फोकस ग्रोथ पर है।