रिलायंस कैपिटल डीर्मजर के जरिए अपने हाउसिंग कारोबार को अलग करेगी। डीर्मजर के बाद हाउसिंग फाइनेंस कारोबार को अलग से लिस्ट कराया जाएगा। डीर्मजर के बाद कंपनी के 1 शेयर के बदले नई कंपनी का 1 शेयर मिलेगा। डीर्मजर से पहले रिलायंस कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस कारोबार में 49 फीसदी हिस्सा बेचेगी। बावजूद इसके कंपनी में रिलायंस कैपिटल मेजॉरिटी शेयरधारक बनी रहेगी। फिलहाल रिलायंस होम फाइनेंस के पास करीब 8 हजार 259 करोड़ रुपये की संपत्ति हैं। कंपनी अब सस्ते घर सेगमेंट पर फोकस करेगी।