इंफोसिस (Infosys) भेदिया कारोबार यानी इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) मामले में मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने टेक कंपनी इंफोसिस के 2 सीनियर कर्मचारियों के अलावा इस मामले से जुड़े 6 कंपनियों और लोगों पर प्रतिबंध लगाते हुए कैपिटल मार्केट में कारोबार करने पर बैन लगा दिया है।

साथ ही इनमें से दो कंपनियों कैपिटल वन पार्टनर्स और टेसोरा कैपिटल के 3.06 करोड़ रुपये के illegal Profit को जब्ज करने का भी निर्देश दिया है। सेबी ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि इन लोगों ने SEBI Act के साथ प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशन (PIT Regulation) का उल्लंघन किया है। इन लोगों को कारण कंपनी के निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है।

SEBI ने इंफोसिस के जिन कर्मचारियों पर बैन लगाया है, उनमें इंफोसिस के सीनियर कॉर्पोरेट काउंसिल प्रांशू भुतरा (Pranshu Bhutra) और कंपनी के सीनियर प्रिंसिपल कॉर्पोरेट अकाउंटिंग ग्रुप के वेंकट सुब्रमणियन (Venkata Subramaniam V. V) शामिल हैं।

इनके अलावा अमित भुतरा, भरत जैन, मनीष चंपालाल, अंकुश भुतरा, कैपिटल वन और टेसोरा कैपिटल पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगाय गया है। ये लोग कैपिटल मार्केट में अगले आदेश तक ट्रेडिंग नहीं कर सकेंगे। सेबी ने अपने जांच में पाया कि ये लोग इनसाइडर ट्रेडिंग के दोषी हैं।

SEBI ने कहा कि कैपिटल वन और टेसोरा कैपिटल ने जून तिमाही 2020 के रिजल्ट आने से पहले इंफोसिस के शेयरों में कारोबार किया। इसके बाद जब कंपनी का रिजल्ट जारी हो गया तो इन लोगों ने अपने शेयर बेच दिए। प्रांशू बुतरा अमित बुतरा और भरत जैन के संपर्क में था। इन दोनों ने कैपिटल वन कंपनी के जरिये शेयर खरीदे थे। अमित ने टेसोरा कैपिटल के जरिये भी शेयर खरीदे थे।

टेसोरा और कैपिटल वन दोनों ने इंफोसिस के फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट में जो शेयर खरीदे और बेचे थे, वह शेयरों की कीमतों से जुड़े संवेदनशील जानकारी (UPSI) के आधार पर किया था। सेबी को शक है कि कीमतों से जुड़ी जानकारी वेंकट सुब्रमणियन ने लीक किया, क्योंकि वे इंफोसिस के अधिकारी हैं। वेंकट सुब्रमणियन अमित भुतरा के लगातार संपर्क में था।

सेबी के मुताबिक, वेंकट ने गोपनीय जानकारियों प्रांशू, अमित और भरत जैन को पास की। इसी के आधार पर इन लोगों ने शेयरों की खरीदारी की। सेबी ने कैपिटल वन के पार्टनर्स, अमित भुतरा और भरत जैन के बैंक अकाउंट को सीज किया है।

सेबी आदेश दिया है कि जिन लोगों ने इसके जरिए जो भी कमाई की है, वह पैसा एक अलग बैंक अकाउंट खोलकर उसमें जमा कराना होगा। SEBI इस मामले में इंटरनल इंवेस्टिगेशन करेगी। 

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