सरकार ने साफ किया है कि वो वोडाफोन और केर्न इंडिया के बकाए टैक्स को माफ नहीं कर सकती है। राजस्व सचिव हसमुख अढ़िया ने कहा है कि सरकार सिर्फ इतना ही कर सकती है कि प्रिंसिपल अमाउंट का भुगतान होने पर ब्याज और हर्जाने की राशि को छोड़कर कोर्ट के बाहर समझौता कर ले।
