सरकार ने निजी क्षेत्र की फर्टिलाइजर कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है। फर्टिलाइजर मंत्री ने कहा है कि अगर निजी कंपनियां सरकारी कंपनियों की तहर नॉन-यूरिया फर्टिलाइजर की कीमतों में 5000 रुपये प्रति टन की कटौती नहीं कर पाती हैं तो उन्हे सब्सिडी से हाथ धोना पड़ सकता है। पिछले ही महीने सरकार ने डीएपी की एमआरपी 2500 रुपये और एमओपी की कीमत 5000 रुपये प्रति टन घटाने का ऐलान किया था। इसके अलावा एनपीके के दाम में 1000 रुपये प्रति टन की कटौती की थी।
