एसबीआई के एसोसिएट बैंकों के मर्जर और बैंकिंग रिफॉर्म के विरोध में बैंक कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल में 8 लाख कर्मचारियों के शामिल होने के आसार हैं। हड़ताल के कारण जरूरी बैंकिंग सुविधाओं पर असर पड़ सकता है। 26 जुलाई को बैंकों के यूनियन और सरकार के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल का फैसला लिया गया है। कर्मचारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन और एफडीआई का भी विरोध कर रहे हैं।
पूरे देश में 27 सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर है। कर्मचारी बैंकिंग रिफॉर्म, बैंकों के विलय और निजीकरण पर विरोध कर रहे हैं। इस हड़ताल में करीब 10 लाख से ज़्यादा अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। पिछले साल ही सरकार ने फ़ैसला लिया था कि 27 सरकारी बैंकों को मिलाकर 8-10 बड़े बैंक बनाए जाएंगे। जिस पर कर्मचारी रजामंद नहीं है। उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी ना मानें तो ये हड़ताल फिर से करेंगे क्योंकि मर्जर से उन्हें और ग्राहकों को कोई फायदा नहीं मिलेगा।