आरबीआई नियमों पर खरा उतरने के लिए उबर भारत में डिजिटल वॉलेट और पेमेंट गेटवे देने वाली कंपनियों से बात कर रही है। माना जा रहा है कि प्रीमियम टैक्सी कंपनी उबर इसके लिए पे-टीएम और पे यू के साथ करार कर सकती है।
आरबीआई नियमों पर खरा उतरने के लिए उबर भारत में डिजिटल वॉलेट और पेमेंट गेटवे देने वाली कंपनियों से बात कर रही है। माना जा रहा है कि प्रीमियम टैक्सी कंपनी उबर इसके लिए पे-टीएम और पे यू के साथ करार कर सकती है।
पिछले महीने आरबीआई ने उबर के पेमेंट सिस्टम को अवैध बताते हुए कहा था कि भारत में ट्रांजैक्शन के लिए टू स्टेप ऑथेंटिकेशन जरूरी है। यही नहीं रिजर्व बैंक ने ये भी कहा था कि पैसों का लेन-देन डॉलर में नहीं बल्कि रुपये में होना चाहिए।
उबर के पास ग्राहकों का क्रेडिट कार्ड डिटेल होता है और सफर खत्म होने के बाद वो टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन के बिना पेमेंट ले लेती है। इसके लिए उबर इंटरनेशनल पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल करती है। मतलब ये कि उबर जब पैसे लेती है तो ग्राहक को पिन या वन टाइम पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती है। आरबीआई के नियमों का पालन करने के लिए कंपनियों को 31 अक्टूबर तक की मोहलत मिली है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।