आवाज़ की मुहिम के बाद दबाव में एयरटेल

एयरटेल के मुताबिक एयरटेल जीरो के प्लेटफॉर्म पर आने वालों और नहीं आने वालों में कोई फर्क नहीं किया जाएगा।

अपडेटेड Apr 10, 2015 पर 8:17 AM

इंटरनेट की आजादी पर सीएनबीसी-आवाज़ की मुहिम और आवाज़ पर ट्राई चेयरमैन के फ्लिपकार्ट-एयरटेल डील को गलत करार देने के बाद एयरटेल दबाव में आ गई है। कंपनी ने साफ किया है कि फ्लिपकार्ट की डील से नेट न्यूट्रिलिटी पर असर नहीं पड़ेगा।

एयरटेल के मुताबिक एयरटेल जीरो के प्लेटफॉर्म पर आने वालों और नहीं आने वालों में कोई फर्क नहीं किया जाएगा। दोनों की स्पीड में कोई फर्क नहीं होगा। एयरटेल का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म टोल फ्री नंबर की तरह है, जहां आपकी कॉल के लिए कंपनी पैसे देती है।

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