कोल इंडिया ई-ऑक्शन की बोलियों में कुछ कटौती कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया को ई-ऑक्शन के वॉल्यूम को 58 मैट्रिक टन से घटाकर 25 मैट्रिक टन करने को कहा है। हालांकि कोल इंडिया का मानना है कि ये फैसला कंपनी के हित में नहीं होगा। कंपनी के बोर्ड के मुताबिक इस फैसले से कोल इंडिया का प्रोडक्शन प्रभावित होगा और सीमेंट, स्टील और दूसरे सेक्टर्स पर भी इसका असर दिखेगा।