नो योर कंपनी में आज हमारे रडार पर है जीएचसीएल यानि गुजरात हैवी केमिकल्स लिमिटेड। जीएचसीएल केमिकल्स, टेक्सटाइल और कंज्यूमर प्रोडक्ट सेग्मेंट में कामकाज करती है। कंपनी डिटर्जेंट और सीसा इंडस्ट्रीज के लिए केमिकल्स बनाने के कारोबार में है। साथ ही टेक्सटाइल ऑपरेशन में धागा और कपड़े बनाने के कारोबार में भी है। इसके अलावा कंपनी तेल, नमक और शहद के कारोबार में भी है। एचयूएल, घड़ी, पीएंडजी और पीरामल ग्लास जैसी कंपनियां जीएचसीएल के ग्राहक हैं। केमिकल मार्केट के 23 फीसदी हिस्से पर जीएचसीएल का कब्जा है। जून तिमाही में जीएचसीएल का मुनाफा 41 फीसदी बढ़कर 258 करोड़ रुपये रहा था।
जीएचसीएल के चेयरमैन संजय डालमिया ने बताया कि शुरुआती दौर में कंपनी सिर्फ केमिकल सेगमेंट में थी, इसके बाद टेक्सटाइल और फिर अब कंज्यूमर प्रोडक्ट में भी कदम रखा है। कंपनी को सबसे ज्यादा आय केमिकल और टेक्सटाइल सेगमेंट से आती है। कंपनी के लिए कंज्यूमर प्रोडक्ट सेगमेंट पूरी तरह नया है। कंपनी की क्षमता विस्तार की योजना है जिसके बाद सोडा एश मार्केट में बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 23-24 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। देश में बड़े पैमाने पर सोडा एश का इंपोर्ट होता है, ऐसे में कंपनी के लिए इस सेगमेंट में काफी संभावनाएं दिख रही हैं।
संजय डालमिया का कहना है कि पिछले के सालों में भले ही कुछ कमी रह गई होगी, लेकिन आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। जीएचसीएल में प्रोमोटरों की अच्छी खासी हिस्सेदारी है, ऐसे में जीएचसीएल के लिए अधिग्रहण का खतरा नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल जीएचसीएल की टेक्सटाइल और केमिकल कारोबार को अलग करने की कोई योजना नहीं है।