टाटा संस के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा ने माना है कि नैनो की ब्रांडिंग को लेकर कंपनी ने कई गलतियां की। उन्होंने कहा कि अगर नैनो को सबसे सस्ती कार के बजाए सबसे अफोर्डेबल कार कहते तो ज्यादा बेहतर होता। नैनो को सबसे सस्ती कार कहने की रणनीति ठीक नहीं थी और इसका खामियाजा नैनो को भुगतना पड़ा। मार्केट में कार पर निगेटिव असर पड़ा क्योंकि कई लोग सबसे सस्ती कार अपने पास होना नहीं दिखाना चाहते थे।
रतन टाटा को देश में ई-कॉमर्स में काफी अच्छे मौके दिख रहे हैं। एक बी-स्कूल के दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि नए आइडियाज वाले स्टार्टअप में मर्चेंडाइजिंग और मार्केटिंग की तस्वीर बदलने का दमखम है। रतन टाटा स्टार्टअप पर बुलिश हैं और उनके मुताबिक भारत में यंग मैनेजर्स, नए स्टार्टअप पर काफी भरोसा है। नए आइडिया वाले स्टार्टअप को बढ़ावा देने का फैसला किया है। उनकी नए आइडिया वाले स्टार्टअप पर नजरें बनी हुई हैं।