नेस्ले की मैगी के बाद उत्तर प्रदेश के फूड और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने एक और कंपनी के प्रोडक्ट में गड़बड़ी का पता लगाया है। यूपी-एफडीए ने मदर डेयरी के दूध के सैंपल में डिटर्जेंट पाया है। ये सैंपल नवंबर 2014 में मदर डेयरी के कलेक्शन सेंटर से लिए गए थे। ये सैंपल जांच के लिए पहले लखनऊ और फिर कोलकाता भेजे गए थे।
हालांकि मदर डेयरी ने यूपी-एफडीए के इस आरोप का साफ तौर पर खंडन किया है कि उसके दूध में मिलावट की जाती है। कंपनी ने कहा है कि उनका दूध अलग-अलग 4 लेवल पर जांच से गुजरता है और 23 क्वालिटी टेस्ट के बाद ही बिक्री के लिए जारी किया जाता है। इनमें दूध में पानी, यूरिया, डिटर्जेंट या तेल जैसी मिलावट की जांच की जाती है। मदर डेयरी का दावा है कि वो 100 फीसदी टेस्टिंग प्रोटोकॉल का पालन करते हैं।