सीएनबीसी आवाज़ का नंबर 1 चैनल का रुतबा बरकरार

सरकार के गठन वाले हफ्ते में बिजनेस स्पेस में सबसे ज्यादा दर्शकों ने सीएनबीसी आवाज़ पर ही भरोसा किया।

अपडेटेड May 30, 2014 पर 8:29 AM

आपके चहेते चैनल सीएनबीसी आवाज़ ने फिर दिखा दिया है कि जब भरोसे की बात आती है तो बाकी सभी चैनल उससे काफी पीछे छूट जाते हैं। आंकड़े बिल्कुल यही बोलते हैं। सरकार के गठन वाले हफ्ते में राजनीति की हलचल और विश्लेषण जानने के लिए बिजनेस स्पेस में सबसे ज्यादा दर्शकों ने सीएनबीसी आवाज़ पर ही भरोसा किया। 

जब देश ने 16 मई को देश ने अपना जनादेश सुनाया तब भी सीएनबीसी आवाज नंबर 1 बनकर उभरा। और सरकार बनने से पहले के हफ्ते में जब मोदी के मंत्री मंत्रिमंडल को लेकर कयास लग रहे थे तब भी आपका चहेता सीएनबीसी आवाज सबसे ज्यादा देखा जा रहा था। ये हमारी लगन और आपका भरोसा ही है कि सरकार बनने से पहले के हफ्ते में हिंदी बिजनेस चैनलों में सीएनबीसी आवाज़ का मार्केट शेयर 55 फीसदी रहा।

सरकार बनने से पहले के हफ्ते में सीएनबीसी आवाज़ जी बिजनस से 22 फीसदी बड़ा रहा। इतना ही नहीं सीएनबीसी आवाज ने भाषा की सीमाएं लांघ कर एक नया इतिहास रचा। सरकार बनने से पहले के हफ्ते में सीएनबीसी आवाज ईटी नाऊ से 8 गुना बड़ा, एनडीटीवी प्रॉफिट से 9.5 गुना बड़ा और ब्लूमबर्ग से 48 गुना बड़ा साबित हुआ। एक बार फिर सीएनबीसी आवाज़ के दर्शकों को तहे दिल से शुक्रिया।

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