केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई अहम फैसलों की जानकारी दी है। मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने भारत नेट योजना को मंजूरी दी है, जो PPP मॉडल के तहत 16 राज्यों में लागू होगी। उन्होंने बताया कि भारत नेट योजना के लिए 29,432 करोड़ रुपए की जरूरत होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रविशंकर प्रसाद ने कहा, "इन्फार्मेशन हाईवे हर गांव तक पहुंचे इस दिशा में सरकार ने एतिहासिक फैसला लिया है। पिछले 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से PM मोदी ने घोषित किया था कि 1000 दिन में 6 लाख गांवों में भारत नेट के माध्यम से ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड लाएंगे।"
प्रसाद ने आगे कहा कि आज इस दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है। हम 1.56 लाख ग्राम पंचायतों में पहुंच चुके हैं। देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ना था। आज भारत नेट को PPP के माध्यम से देश के 16 राज्यों में 29,432 करोड़ रुपये के कुल खर्च पर हमने मंजूरी दी है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया, "जिसमें भारत सरकार की वायबिलिटी गैप फंडिंग 19,041 करोड़ रुपए होगी। ये हम देश के 3,61,000 गांवों में जो 16 राज्यों में हैं, वहां PPP मॉडल के जरिए ला रहे हैं। हमने इसे 16 राज्यों में 9 पैकेज बनाया है। किसी एक प्लेयर को 4 पैकेज से ज्यादा नहीं मिलेगा।"
वहीं इस बैठक में मौजूद केंद्र मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 2 दिन पहले एक बड़े फैसले की घोषणा की थी, जिसे कैबिनेट में आज मंजूरी दे दी गई। इसके तहत जिनको Covid-19 के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ऐसे सभी क्षेत्रों को 6,28,000 करोड़ रुपए की मदद का खाका बताया था।