देश को SBI जैसे 4 या 5 बैंकों की जरूरतः निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना में कस्टमर्स को परेशानी नहीं होने दी, इसके लिए बैंकर्स की प्रशंसा होनी चाहिए
अपडेटेड Sep 27, 2021 पर 12:39  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि इकोनॉमी और इंडस्ट्रीज की बदलती जरूरतों के अनुसार बैंकिंग में बदलाव करने होंगे। उन्होंने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) की 74वीं एनुअल जनरल मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा, "देश में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) जैसे चार से पांच बैंकों की जरूरत है।"


उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत कोरोना के दौरान देश की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को श्रद्धांजलि देकर की।


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सीतारमण ने कहा, "अगर हम कोरोना के बाद की स्थिति देखें तो देश में बैंकिंग के तौर तरीकों में बदलाव करना होगा। बैंकिंग ने डिजिटाइजेशन को लागू करने में सफलता हासिल की है।"


उन्होंने कहा कि देश के बैंकों में डिजिटाइजेशन बढ़ने से सरकार को डिजिटल जरियों से स्मॉल, मीडियम और बड़े एकाउंट होल्डर्स को पैसा ट्रांसफर करने में मदद मिली है।


सीतारमण ने कोरोना के दौरान सामने आई चुनौतियों के बारे में कहा, "बैंकर्स के सामने एक बड़ी चुनौती बैंकों के मर्जर से जुड़ी सरकार के एजेंडा की थी। यह कोरोना के दौरान हुआ। बैंक दूरदराज के क्षेत्रों में मौजूद लोगों की भी मदद कर रहे थे।"


उन्होंने कहा कि बैंकों के मर्जर से कस्टमर्स को कोई असुविधा नहीं होने को पक्का करने के लिए वह बैंकर्स की प्रशंसा करती हैं।


इससे पहले भी सरकार देश में छोटे बैंकों के बजाय कुछ बड़े बैंकों को रखने की जरूरत पर जोर दे चुकी है।


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