ट्रैक्टर परेड के बाद अब एक फरवरी को संसद तक पैदल मार्च करेंगे किसान

कृषि मंत्री ने कहा है कि नए कृषि कानूनों को डेढ़ साल तक निलंबित रखने का सरकार का प्रस्ताव एक सर्वश्रेष्ठ पेशकश है
अपडेटेड Jan 26, 2021 पर 13:29  |  स्रोत : Moneycontrol.com


किसान नेताओं ( Farmers Unions) ने ऐलान किया है कि वो एक फरवरी को दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं से संसद की ओर पैदल मार्च करेंगे। क्रांतिकारी किसान यूनियन (Krantikari Kisan Union) के नेता दर्शन पाल (Darshan Pal) ने कहा कि किसान ट्रैक्टर परेड के बाद अगला कार्यक्रम ये ही होगा। सरकार हमारी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है। बता दें कि एक फरवरी को संसद में बजट पेश होगा। इस बीच किसानों और पुलिस के बीच कल गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च (Republic Day Tractor March) निकालने को लेकर सहमति बन गई है।


सरकार और आंदोलनकारी किसान प्रतिनिधियों के बीच 11 दौर की वार्ता के बाद अब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं किए गए हैं। सरकार ने कृषि कानूनों 12 से 18 महीने तक होल्ड करने का प्रस्ताव रखा है, जिसे किसानों ने खारिज कर दिया है। दो महीने से हजारों किसान इस कड़ाके की ठंड में तीन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर धरना राष्ट्रीय राजधानी ( National Capital) की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में किसान कल दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।


ट्रैक्टर रैली के बाद अब किसानों का अगला कार्यक्रम संसद की ओर मार्च किए जाने का ही बनाया गया है। कानून वहां से पास किया गया था तो हम अब वहां तक पैदल मार्च करके विरोध करेंगे। किसान संगठनों में से एक क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता दर्शन पाल ने सोमवार को कहा कि एक फरवरी को अलग-अलग स्थानों से पैदल संसद भवन तक मार्च करेंगे। बता दें कि बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से 15 जनवरी तक चलेगा, इस दौरान एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा।


इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने सोमवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को एक से डेढ़ साल तक निलंबित रखने का सरकार का प्रस्ताव एक सर्वश्रेष्ठ पेशकश है और उन्हें उम्मीद है कि प्रदर्शनकरी किसान संगठन इस पर पुनर्विचार करेंगे तथा अपने फैसले से अवगत कराएंगे। सरकार और 41 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच 11वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी।


10वें दौर की बातचीत में सरकार ने नए कृषि कानूनों को एक से डेढ़ साल तक निलंबित रखने की पेशकश की थी, लेकिन किसान यूनियनों ने इसे खारिज कर दिया था। सरकार ने यूनियनों से 11वें दौर की वार्ता में प्रस्ताव पर पुनिर्वचार करने और अपने निर्णय से अवगत को कहा था। तोमर ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा का सरकार ने किसान यूनियनों को सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव दिया है। मुझे उम्मीद है कि वे आपस में चर्चा कर हमें अपने निर्णय से अवगत कराएंगे। एक बार उनके द्वारा इस बारे में अवगत कराए जाने पर हम इसे आगे बढ़ाएंगे।


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