Stimulus Package पर सीतारमण का बड़ा बयान, Covid 2.0 के आर्थिक असर का कर रहे आंकलन, जानें कब मिलेगा प्रोत्साहन पैकेज

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रोत्साहन पैकेज के संबंध में अभी केंद्र सरकार की राज्य सरकारों और इंडस्ट्री से बातचीत चल रही है
अपडेटेड May 30, 2021 पर 13:11  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कयास लगाए जा रहे थे कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रभावों से देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए केंद्र सरकार कोविड 2.0 के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर्स के लिए प्रोत्साहन पैकेज (Stimulus Package) की घोषणा जल्द कर सकती है। लेकिन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए अभी अगले प्रोत्साहन पैकेज पर कोई फैसला नहीं हुआ है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस संबंध में अभी राज्य सरकारों से केंद्र सरकार की बातचीत चल रही है। कोरोना के सेकेंड वेव पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों में लगाए गए लॉकडाउन और दूसरे प्रतिबंधों का देश की अर्थव्यवस्था पर पड़े आर्थिक असर का आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी हम इनपुट ले रहे हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि लॉकडाउन से कहां प्रभाव पड़ा है और कितना प्रभाव पड़ा है? राज्यों के साथ इंडस्ट्री से परामर्श किया जा रहा है। हमने अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।

निआपको बता दें कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि वर्ष 2020 की तरह ही वित्त मंत्रालय एक और प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय कोविड 2.0 से बुरी तरह प्रभावित टूरिज्म, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी जैसी इंडस्ट्री में तेजी लाने के लिए प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसमें स्मॉल एंड मीडियम साइज कंपनीज को भी शामिल किया जा सकता है।

वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कोविड की दूसरी लहर के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था संकट से गुजर रही है। कोविड के सेकेंड वेव को रोकने के लिए कई राज्यों में लॉकडाउन लगाए हैं। जानकारों का कहना है कि एक और प्रोत्साहन पैकेज अर्थव्यवस्था में जान फूंक सकता है।

रॉयटर्स के एक ताजा पोल में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आउटलुक फिर से कमजोर दिखने लगा है। पोल के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में भारत में नौकरियों का संकट और गहरा हो सकता है। इसमें कहा गया गया कि लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियों में रुकावट आई है और इसेस लाखों लोगों बेरजगार हुए हैं। रॉयटर्स के पोल में के मुताबिक, FY22 के Q1 में GDP में 21.6% की गिरावट का अनुमान जताया गया है और इस साल ग्रोथ रेट 9.8% रह सकती है।

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