SBI ने नॉन-होम ब्रांच से कैश निकालने की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया, इन नियमों में हुआ बदलाव

SBI ने अपने कस्टमर्स के लिए नॉन-होम ब्रांच से कैश विड्रॉअल यानी पैसे निकालने की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है
अपडेटेड May 30, 2021 पर 17:30  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफइ इंडिया (SBI) ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। SBI ने अपने कस्टमर्स के लिए नॉन-होम ब्रांच से कैश विड्रॉअल यानी पैसे निकालने की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है। शनिवार को SBI ने ट्वीट किया कि ग्राहकों की सुविधा के लिए नॉन-होम ब्रांच में चेक और विड्रॉअल फॉर्म के जरिये पैसे निकालने की सीमा को बढ़ाया है।

SBI ने प्रति दिन चेक के जरिये कैश निकालने की सीमा को 1 लाख रुपये कर दिया है। जबकि विड्रॉअल फॉर्म के जरिये पैसे निकालने की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया है। इसके अलावा थर्ड पार्टी कैश विड्रॉअल को चेक के जरिये हर महीने 50,000 रुपये पर फिक्स कर दिया गया है।

SBI ने स्पष्ट किया कि विड्रॉअल फॉर्म के जरिये थर्ड पार्टी को कोई कैश पेमेंट नहीं किया जाएगा। साथ ही थर्ड पार्टी को किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए बैंक में KYC कराना होगा। स्टेट बैंक ने कैश विड्रॉअल की जो सीमा बढ़ाई है वह 30 सितंबर 2021 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद पुराने नियम फिर से लागू हो जाएंगे। आपको बता दें कि होम ब्रांच बैंक की उस शाखा को कहा जाता है जहां आपने अपना बैंक अकाउंट खुलवाया है।

इससे पहले SBI ने अपने ग्राहकों को तगड़ा झटका दिया है। SBI ने अपने बेसिक सेविंग बैंक डिपोडिट (BSBD) अकाउंट के सर्विस चार्जेज में बदलाव किया है जो 1 जुलाई, 2021 से प्रभावी हो जाएंगी। SBI के इस नए नियम से बैंक के ग्राहकों के लिए अब ATM से पैसे निकालने के साथ चेकबुक चेकबुक इश्यू कराना महंगा हो जाएगा।

बैंक ने ATM से निकासी, चेकबुक, मनी ट्रांसफर और नॉन फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर सर्विस चार्ज को संशोधित करने का निर्णय लिया है। SBI के नए नियम लागू होने के बाद अगर आप ATM से कैश निकालते हैं तो केवल चार बार ही फ्री में कैश विड्रॉ कर सकेंगे। ATM से महीने में चार बार से अधिक पैसे निकालने पर चाहे वह स्टेट बैंक का ATM हो या किसी दूसरे बैंक का एटीएम, हरेक ट्रांजैक्शन पर 15 रुपए के साथ जीएसटी चुकाना होगा।

SBI अपने बेसिक सेविंग बैंक डिपोडिट (BSBD) अकाउंटहोल्डर्स को हर साल 10 पन्नों का चेकबुक फ्री में देगी। उसके बाद अगर आप 10 पेज वाला चेकबुक इश्यू कराते हैं तो उसके लिए 40 रुपएके साथ जीएसटी चार्ज देना पड़ेगा। वहीं, अगर आप 25 पन्नों का चेक बुक लेते हैं तो 75 रुपए के साथ जीएसटी चार्ज देना होगा।

SBI अब 10 पन्ने वाले इमरजेंसी चेक बुक के लिए 50 रुपए और उस पर लगने वाला GST चार्ज वसलेगा। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों को चेक बुक पर नए सेवा शुल्क से छूट दी गई है। साथ ही SBI अपने ब्रांच और गैर-एसबीआई बैंक शाखाओं में BSBD अकाउंटहोल्डर्स द्वारा गैर-वित्तीय लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लेगी। BSBD अकाउंटहोल्डर्स को बाकी ट्रांजेक्शन जैसे NEFT या RTGS पर किसी तरह का अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा।

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