बाजार में कमजोरी के संकेत, इस हफ्ते क्या हो आपकी निवेश की रणनीति

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हो रही लगातार बढ़त और बढ़ती महंगाई ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया
अपडेटेड Feb 22, 2021 पर 10:51  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मंगलवार को निफ्टी के 15431 का ऑल टाइम हाई छूने के बाद इंडियन मार्केट में अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ गया। फिलहाल निफ्टी अपने टॉप लेवल से 450 अंक नीचे है। शुक्रवार के कारोबार में ये 14981 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते कोरोबारी सत्र के आगे बढ़ने के साथ ही बेयर पूरे ग्लोबल मार्केट में हावी होते चले गए। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हो रही लगातार बढ़त और बढ़ती महंगाई ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया। निजीकरण के खबरों के बीच भारतीय बाजारों में पिछले हफ्ते PSU बैंकों का दबदबा कायम रहा। बता दें कि शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स भी 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 50,889 के स्तर पर बंद हुआ।


कल से शुरु होने वाले नए हफ्ते में इन फैक्टर्स पर रहे नजर 


- रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा (Ajit Mishra) के मुताबिक, नए हफ्ते में फरवरी महीने के डेरिएटिव कॉन्ट्रैक्ट्स (derivatives contracts) के एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।


- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ राज्यों में कोरोना फिर से मामले बढ़ते नजर आ रहे हैं। देश में पिछले 24 घंटों में 14,264 नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में बाजार की नजर कोरोना की स्थिति पर बनी रहेगी।


- अजीत मिश्रा का कहना है कि अगर निफ्टी 14,800 के नीचे जाता है तो फिर गिरवाट और गहरा सकती है और निफ्टी 14,450-14,650 का स्तर देख सकता है। हालांकि यह स्तर निफ्टी के लिए कुशन (Cushion)  का काम करेगा। इस चीज को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को सतर्कता के साथ क्वालिटी शेयर पर ही निवेश करना चाहिए।


- सैम्को सिक्योरिटी की निराली शाह (Nirali Shah) का कहना है कि आगे US डॉलर में मजबूती की वजह निफ्टी पर हमें कुछ दबाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा कि कल से शुरू होने वाले हफ्ते में अगर रुपये में कमजोरी बढ़ती है, तो फिर इंडियन इक्विटी मार्केट में अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। क्योंकि रुपये की कमजोरी की स्थिति में FPIs शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली कर सकते हैं।
 
- निराली शाह ने आगे कहा कि निवेशकों को कल से शुरू होने वाले हफ्ते में इंडेक्स को लेकर चौकन्ना रहना होगा और ग्लोबल मार्केट में किसी बड़े हलचल पर नजर रखनी होगी। घरेलू बाजार में हमें IPO की बाढ़ देखने को मिल सकती है। निराली ने आगे कहा कि इस हफ्ते बाजार किसी पॉजिटिव ट्रिगर के अभाव में सुस्त और दायरे में बंधा रह सकता है। इस मौके का उपयोग निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो के चर्निंग में करना चाहिए। बाजार में कोई गिरावट आने पर कमजोर क्वालिटी के स्टॉक से निकलकर क्वालिटी शेयरों में निवेश करना चाहिए।


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