कोरोना (Corona) की वजह से बड़ी से बड़ी इकोनॉमी चरमरा गई है। भारत (India) सहित जी-20 देशों के ग्रुप को आर्थिक झटका लगा है। इसमें अमेरिका को भी आर्थिक मोर्चें पर बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। कोरोना की रोकथाम करने का प्रयास कर रहे अमेरिका (America) की इकोनॉमी को जोरदार झटका लगने की संभावना है। कोरोना ने दुनिया की महाशक्ति को जोरदार झटका दिया है। इसकी वजह से अमेरिका का राजस्व घाटा करीब 3300 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।
अमेरिका की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। अमेरिकी कांग्रेस ने इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें अमेरिका के चालू वर्ष में आर्थिक घाटा 3300 अरब डॉलर तक बढ़ेगा ऐसी चिंता व्यक्त की गई है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन ने 2000 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज घोषित किया था। इस पैकेज से आर्थिक घाटा और बढ़ सकता है ऐसा कांग्रेस का कहना है।
महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक इस बार का आर्थिक घाटा 2019 की तुलना में तीन गुना अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है। साल 2008 में आई हुई महामंदी के बाद अमेरिका के लिए ये दूसरा सबसे बड़ा नुकसान साबित होने जा रहा है।
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कोरोना की रोकथाम के लिए काफी पैसा खर्च किया है। जबकि मंदी और नौकरियां जाने की वजह से अमेरिकी नागरिकों की कमाई कम हो गई है। इसके परिणामस्वरूप कर राजस्व में बड़ी कमी आई है। इस बार आयकर वसूली में 34 प्रतिशत की कमी हुई है। वहीं कोरोना काल में अमेरिका में बेरोजगारों को 1200 डॉलर का भत्ता मिल रहा है।