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हर साल दिवाली के करीब दिल्ली में क्यों जहरीली हो जाती है हवा?

इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (IARI) के डेटा बताते हैं कि 15 सितंबर से 21 अक्टूबर के दौरान पराली जलाने के 4,026 मामले आए हैं। दरअसल, इस दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में धान की फसल की कटाई शुरू हो गई है, जिससे पराली जलाने के मामले सामने आए है। हालांकि, पिछले साल के इसी अवधि के मुकाबले ये मामले थोड़े कम हैं। दिवाली के करीब आने के साथ आने वाले दिनों में हवा की क्वालिटी और खराब होने का डर है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 03, 2023 पर 12:58 PM
हर साल दिवाली के करीब दिल्ली में क्यों जहरीली हो जाती है हवा?
दिवाली और प्रदूषण के बीच करीबी संबंध है। इसकी वजह यह है कि इस वक्त पराली जलाने के मामले भी चरम पर होते हैं। जब दिवाली अक्टूबर के अंत से नवंबर के अंत के बीच पड़ती है तो AQI काफी बढ़ जाता है।

अक्टूबर के पहले हफ्ते तक दिल्ली की हवा की क्वालिटी (Delhi air Quality) करीब सामान्य थी। लेकिन, अब यह खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। पराली जलाने के मामले बढ़े हैं। इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (IARI) के डेटा बताते हैं कि 15 सितंबर से 21 अक्टूबर के दौरान पराली जलाने के 4,026 मामले आए हैं। दरअसल, इस दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में धान की फसल की कटाई शुरू हो गई है, जिससे पराली जलाने (Stubble burning) के मामले सामने आए है। हालांकि, पिछले साल के इसी अवधि के मुकाबले ये मामले थोड़े कम हैं। दिवाली के करीब आने के साथ आने वाले दिनों में हवा की क्वालिटी और खराब होने का डर है। यह चिंता का सबब है। लंबे समय तक हवा की क्वालिटी खराब होने से लोगों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ सकता है। खासकर, सांस की बीमारी वाले लोगों और बुजुर्गों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

नवंबर के पहले हफ्ते में प्रदूषण सबसे ज्यादा

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवान्स स्टडीज बेंगलोर के प्रोफेसर गुफरान बेग ने कहा कि 2022 असाधारण साल था, क्योंकि हवा की क्वालिटी को कंट्रोल में रखा जा सका था। इसके अलावा फायर काउंट्स के मामले भी पिछले तीन सालों के मुकाबले कम थे। बेग SAFAR के फाउंडर प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी हैं। इसे एयर क्वालिटी बेहतर बनाए रखने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज की तरफ से शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल में प्रदूषण ज्यादातर 6 से 7 नवंबर के दौरान सबसे ज्यादा रहता है। अगर वैज्ञानिक उपायों की मदद ली जाए तो इस दौरान हवा की गुणवत्ता को खराब होने से रोका जा सकता है।

देर से दिवाली आने पर ज्यादा खतरा

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