राजधानी दिल्ली में पहली बार पिछले 2 महीने में कोरोना के 1000 से कम नए मामले आए हैं, इसके बावजूद कोरोना कर्फ्यू यानी लॉकडाउन को 7 जून सुबह 5 बजे तक बढ़ा दिया गया है। दिल्ली सरकार ने लोगों की आवाजाही पर कोविड प्रतिबंध को 7 जून तक बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन राज्य में मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज में छूट दी गई है।

दिल्ली मे अब अप्रूब्ड इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्रियों में वस्तुओं का प्रोडक्शन हो सकेगा। साथ ही कोरोना कर्फ्यू के दौरान कंटेनमेंट जोन के बार कंस्ट्रक्शन कार्य को भी इजाजत दी गई है। दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) ने अपने आधिकारिक आदेश में कहा कि कंटेनमेंट जोन के बाहर बंद दरवाजों यानी क्लोज्ड प्रीमाइस के अंदर मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन यूनिट्स को काम करने का इजाजत दी गई है। साथ ही कंस्ट्रक्शन वर्क की भी इजाजत दी गई है।

दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा कि कंपनी और फैक्ट्री के मालिकों को साथ उसमें काम करने वाले कर्मचारियों को DDMA के दिशा-निर्देशों और कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। इससे पहले कल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खत्म करने की बात कही थी।

अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि 31 मई के बाद के कई चरणों में दिल्ली में लॉकडाउन को हटाया जाएगा। आपतो बता दें कि कोरोना के सेकेंड वेव के कारण राजधानी दिल्ली में करीब 6 सप्ताह से लॉकडाउन लगा हुआ है। लॉकडाउन के कारण ही यहां कोविड के नए मामलों में कमी आई है और कोरोना पॉजिटिविटी रेट गिरकर 1.19% पर आ गया है, लेकिन अभी दिल्ली महामारी मुक्त नहीं हुआ है।

अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा था कि अगर कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगेंगे तो लॉकडाउन खोलने पर रोक लगा दी जाएगी। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना संक्रमण के 956 नए मामले आए जो पिछले 2 महीने में नए संक्रमण की सबसे कम संख्या है।

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