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भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की ऊंची उड़ान, जीडीपी में किया 60 अरब डॉलर का योगदान: रिपोर्ट

इसरो की अगवाई में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम ने ऊंची छलांग लगाई है। इसने जीडीपी में 60 अरब डॉलर का योगदान किया है। कम खर्च में बड़ी उपलब्धि हासिल कर इसने दुनियाभर में अपनी खास पहचान बनाई है। स्पेस सेक्टर में 47 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 24, 2024 पर 11:14 AM
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की ऊंची उड़ान, जीडीपी में किया 60 अरब डॉलर का योगदान: रिपोर्ट
दूसरे देशों की स्पेस एजेंसियों के मुकाबले इसरो का बजट काफी कम है। इसके बावजूद अंतरिक्ष के क्षेत्र में इसने बड़ी उपलब्धियां हासिल की है।

इसरो की अगुवाई में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम ने ऊंची छलाई लगाई है। इकोन वन एंड यूरोकंसल्ट ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसका नाम 'सोशियो इकोनॉमिक इम्पैक्ट एनालिसिस ऑफ इंडियन स्पेस प्रोग्राम' है। यह रिपोर्ट 23 अगस्त को जारी की गई। इसमें देश में अंतरक्षि के क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों का आकलन किया गया है। यह बताया गया है कि इनसे देश को कितना फायदा हुआ है। नेशनल स्पेस डे सेलिब्रेशन के तहत यह रिपोर्ट जारी की गई।

कम खर्च में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने का रिकॉर्ड

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इसरो (ISRO) की अगुवाई में चलने वाला भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम (Indian Space Program) काफी कम खर्च में बड़े नतीजे देने के लिए जाना जाता है। दूसरे देशों की स्पेस एजेंसियों के मुकाबले इसरो का बजट काफी कम है। इसके बावजूद अंतरिक्ष के क्षेत्र में इसने बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। उदाहरण के लिए मार्स ऑर्बिटर मिशन यानी मंगलयान (Mangalyan) पर सिर्फ 7.4 करोड़ डॉलर खर्च हुए थे। यह दूसरे देशों में इसी तरह के मिशन पर होने वाले खर्च का बहुत छोटा हिस्सा है।

जीडीपी में 60 अरब डॉलर का योगदान

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