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MC Exclusive : RBI ने अपनी रिपोर्ट में PTC India Financial में कई तरह की गड़बड़ियों के बारे में बताया, जानें इसकी खास बातें

पीएफएस जनवरी 2022 से ही विवादों में है। तब कंपनी के तीन स्वतंत्र निदेशकों ने इस्तीफा दे दिए थे। उन्होंने इसकी वजह कॉर्पोरेट गवर्नेंस की कमियां बताई थी। आरबीआई की रिपोर्ट में कंपनी के कामकाज से जुड़े गंभीर मसलों के बारे में बताया गया है। SEBI, कंपनी मामलों का मंत्रालय और RBI कंपनी की खिलाफ जांच कर रहे हैं। RBI की जांच में 15 फाइल्स के सैंपल में गड़बड़ियां पाई गई हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 22, 2023 पर 3:04 PM
MC Exclusive : RBI ने अपनी रिपोर्ट में PTC India Financial में कई तरह की गड़बड़ियों के बारे में बताया,  जानें इसकी खास बातें
RBI ने पीएफएस को 60 दिन के अंदर यह रिपोर्ट बोर्ड के समक्ष पेश करने को कहा है। इसमें रिस्क मैनेजमेंट को लेकर कई तरह की चिंता जताई गई है। केंद्रीय बैंक ने पीएफएस को यह भी बताने को कहा है कि वह समयबद्ध तरीके से किस तरह रिस्क मिटेगेशन प्लान को लागू करेगी।

PTC India Financial Services (PFS) ने लोन को मंजूरी देने के तय नियमों का पालन नहीं किया। उसने एक पूर्व टॉप एग्जिक्यूटिव को बहुत ज्यादा अधिकार दिए। इससे रिस्क मैनेजमेंट प्रैक्टिसेज के साथ ही उसके गवर्नेंस फ्रेमवर्क को लेकर चिंता पैदा हुई हैं। ये बातें RBI की रिपोर्ट में कही गई हैं। यह 31 मार्च, 2022 तक की RBI की रिस्क एसेसमेंट रिपोर्ट और इंस्पेक्शन रिपोर्ट है। इसे 17 अगस्त, 2023 को पीएफएस को भेजा गया था। पीएफएस पर पहले से कॉर्पोरेट गवर्नेंस के कथित उल्लंघन को लेकर रेगुलेटर की नजर है। मनीकंट्रोल ने यह रिपोर्ट यह देखी है। पीएफएस के बोर्ड में अभी इस रिपोर्ट पर चर्चा नहीं हुई है। कंपनी ने आरबीआई को अब तक यह नहीं बताया है कि कैसे वह रिस्क घटाएगी और इस रिपोर्ट में बताई गई चिंता को दूर करेगी। पीएफएस PTC India की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। इसमें सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी है।

जनवरी 2022 में हुई थी विवाद की शुरुआत

PFS जनवरी 2022 से ही विवादों में है। तब कंपनी के तीन स्वतंत्र निदेशकों ने इस्तीफा दे दिए थे। उन्होंने इसकी वजह कॉर्पोरेट गवर्नेंस की कमियां बताई थी। आरबीआई की रिपोर्ट में कंपनी के कामकाज से जुड़े गंभीर मसलों के बारे में बताया गया है। SEBI, कंपनी मामलों का मंत्रालय और RBI कंपनी की खिलाफ जांच कर रहे हैं। RBI की जांच में 15 फाइल्स के सैंपल में गड़बड़ियां पाई गई हैं। इसमें बताया गया है कि कंपनी ने लोन के सैंक्शन और डिस्बर्समेंट में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। उसने क्रेडिट की शर्तों की भी अनदेखी की। कुछ ग्राहकों के वैलिडेशन डॉक्युमेंट्स में पैन और आधार के बीच मिसमैच भी पाया गया है।

कंपनी ने कई नियमों की अनदेखी की

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