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RBI ने होम लोन पर किया बड़ा ऐलान, होम बायर्स पर पड़ेगा इसका क्या असर?

आरबीआई के इस उपाय से घर खरीदारों को फायदा होगा। शक्तिकांत दास ने कहा कि इससे हाउसिंग सेक्टर के लिए क्रेडिट फ्लो बढ़ जाएगा। इसका मतलब है कि इससे होम लोन देने वाली फाइनेंस कंपनियों या बैंकों के हाथ में ज्यादा पैसे होंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 08, 2022 पर 12:59 PM
RBI ने होम लोन पर किया बड़ा ऐलान, होम बायर्स पर पड़ेगा इसका क्या असर?
आरबीआई ने अक्टूबर 2020 में हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया था। उसका मानना था कि हाउसिंग सेक्टर को प्रोत्साहन देने से दूसरे कई सेक्टर को भी फायदा होगा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को होम लोन (Home Loan) पर बड़ा ऐलान किया। उसने हाउसिंग लोन पर लोअर रिस्क वेटेज को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद इस फैसले के बारे में बताया। इसका क्या मतलब है, आरबीआई ने यह फैसला क्यों लिया, इससे घर खरीदारों को क्या फायदा होगा? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

लोअर रिस्क वेटेज एक साल के लिए बढ़ाया गया

आरबीआई ने अक्टूबर 2020 में हाउसिंग लोन पर रिस्क वेटेज में बदलाव किया था। उसने रिस्क वेटेज के लिए सिर्फ लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो का इस्तेमाल करने को कहा था। यह बदलाव 31 मार्च, 2022 तक सैंक्शन हो चुके सभी नए हाउसिंग लोन के लिए था। शुक्रवार को आरबीआई ने इस व्यवस्था को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इसका मतलब है कि अब 31 मार्च, 2023 तक सैंक्शन होने वाले सभी हाउसिंग लोन के रिस्क वेटेज के लिए LTV रेशियो का इस्तेमाल होगा।

घर खरीदारों को होगा यह फायदा

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