RBI Monetary Policy Today: आज पॉलिसी रेट बढ़ाने का फैसला कर सकता है RBI, महंगाई के अनुमान बढ़ने के भी आसार

मनीकंट्रोल के पोल में शामिल ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना था कि 8 जून को रेपो रेट में 0.40 फीसदी वृद्धि की जा सकती है

अपडेटेड Jun 08, 2022 पर 7:50 AM
अभी रेपो रेट 4.40 फीसदी है

RBI Monetary Policy Live updates: रिजर्व बैंक आज रेपो रेट में 40 बेसिस अंक का इजाफा कर सकता है। पिछले 5 हफ्तों में यह दूसरी बढ़ोत्तरी हो सकती है। RBI के मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की तीन दिन की बैठक 6 जून को शुरू हुई थी। और आज RBI इस पर फैसला करने वाली है। मनीकंट्रोल के पोल में 15 इकोनॉमिस्ट्स शामिल हुए। इस पोल के नतीजों के मुताबिक, बुधवार को MPC रेपो रेट में 0.40 फीसदी वृद्धि कर सकता है। RBI ने पिछले महीने रेपो रेट में अचानक वृद्धि करने का फैसला लिया था। उसने रेपो रेट 0.40 फीसदी बढ़ा दिया था। इसके बाद रेपो रेट बढ़कर 4.40 फीसदी हो गया था।

अभी इनफ्लेशन RBI के लिए सबसे बड़ा इंतहान है। 12 मई को आए इनफ्लेशन के डेटा से महंगाई तेजी से बढ़ने की पुष्टि हुई थी। अप्रैल में इनफ्लेशन बढ़कर 7.79 फीसदी पर पहुंच गया, जो 8 साल में रिटेल इनफ्लेशन का सबसे ऊंचा स्तर है।

मनीकंट्रोल के पोल में शामिल ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना था कि 8 जून को रेपो रेट में 0.40 फीसदी वृद्धि की जा सकती है। इसके बाद रेपो रेट बढ़कर 4.80 फीसदी हो जाएगा। लंबे समय बाद आरबीआई ने मॉनेटरी पॉलिसी का रुख बदला है। इससे पहले उसने कई बार रेपो रेट में कमी की थी।


बैंक ऑफ अमेरिकी सिक्योरिटीज ने 3 जून को अपनी रिपोर्ट में कहा था, "इनफ्लेश के 6 फीसदी से ऊपर रहने और इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार को देखते हुए हमें लगता है कि जून में RBI रेपो रेट में 40 बेसिस प्वॉइंट्स और अगस्त में 35 बेसिस प्वॉइंट्स की वद्धि कर सकता है।"

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मनीकंट्रोल के पोल में शामिल कुछ इकोनॉमिस्ट्स का मानना था कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट में 0.50 फीसदी या इससे ज्यादा वृद्धि कर सकता है। डोएचे बैंक का कहना है कि रेपो रेट में कम से कम 50 बेसिस प्वॉइंट्स की वृद्धि की जा सकती है। उसने तो 60 बेसिस प्वॉइंट्स की वृद्धि की सभावना से भी इनकार नहीं किया है।

RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद बैंक होम लोन, ऑटो लोन सहित सभी तरह के लोन पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर देते हैं। पिछले महीने रेपो रेट बढ़ने के तुरंत बाद छोटे-बड़े बैंकों ने लोन पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने शुरू कर दिए थे।

सरकार ने महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। उसने पेट्रोल-डीजल पर ड्यूटी घटाई है। कुछ खाद्य तेलों पर भी ड्यूटी में कमी की गई है। गेहूं के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी गई है। चीनी के एक्सपोर्ट के लिए अधिकतम सीमा तय कर दी गई है।

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