RBI ने ई-रूपी प्रीपेड डिजिटल वाउचर की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने का प्रस्ताव किया

शक्तिकांत दास ने महंगाई को काबू में रखने को प्राथमिकता देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया

अपडेटेड Feb 10, 2022 पर 11:02 AM
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RBI गवर्नर के सामने ग्रोथ और महंगाई दर में संतुलन बनाने की चुनौती थी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ई-रूपी प्रीपेड डिजिटल वाउचर (e-Rupee prepaid digital vouchers) की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। ई-रूपी प्रीपेड डिजिटल वाउचर की मौजूदा सीमा फिलहाल 10,000 रुपए है। अब RBI ने इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपए प्रति वाउचर करने का ऐलान किया है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को पॉलिसी रेट का ऐलान करने का दौरान यह बताया। उन्होंने कहा कि ई-रूपी प्रीपेड डिजिटल वाउचर की सीमा बढ़ जाने से इसका इस्तेमाल 1 से ज्यादा बार किया जा सकता है।

इसके साथ ही TReDs settlement के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने के लिए शक्तिकांत दास ने NACH मैनडेट लिमिट 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा है।

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं 


RBI गवर्नर के सामने ग्रोथ और महंगाई दर में संतुलन बनाने की चुनौती थी और शक्तिकांत दास ने महंगाई को काबू में रखने को प्राथमिकता देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने एकमत से रेपो रेट 4% पर बनाए रखने का फैसला किया है।

रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह मई 2020 से ही 3.35% पर बरकरार है। मई 2020 से पहले एक साल में RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने 155 बेसिस अंक यानी 1.55% की बड़ी कटौती की थी। वहीं MSF रेट और बैंक रेट 4.25% पर पहले की तरह बरकरार रहेगा।

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