Saif Ali Khan: सुलझ नहीं रही है सैफ के हमले की गुत्थी, पांच अनसुलझे सवाल जिनके अबतक नहीं मिले जवाब

बॉलीवुड के नवाब सैफ अली खान पर हमला मामले में अब भी कई सवालों के जवाब नहीं मिल पाया है। हमले की पूरी कहानी किसी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन ये असल में हुआ है और वो भी सैफ अली खान के साथ। सैफ अली खान पर हुए हमले के मामले में कई सवालों के जवाब दिए गए हैं, लेकिन अब भी इन 5 सवालों को लेकर मिस्ट्री बनी हुई है

अपडेटेड Jan 26, 2025 पर 5:54 PM
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Saif Ali Khan: सुलझ नहीं रही है सैफ के हमले की गुत्थी

Saif Ali Khan Case : पांच साल पहले बॉलीवुडे के उभरते सितारे अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की खबर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। साल 2020 में 14 जून के दिन सुशांत सिंह राजपूत ने भी मुंबई स्थित घर पर फांसी लगा ली थी। सुशांत सिंह राजपूत के फैन्स को आज भी लगता है कि उनका मर्डर हुआ था। फैन्स अभी भी न्याय की मांग कर रहे हैं। आज तक, उनकी मौत के इर्द-गिर्द की परिस्थितियाँ रहस्य में डूबी हुई हैं। सीबीआई सहित पांच अलग-अलग कानूनी एजेंसियों द्वारा जांच के बावजूद, उनके मौत को लेकर आज भी कई सवाल अनसुलझे हैं। सुशांत के मौत मामले और हाल ही में सैफ अली खान पर हुए हमले पर तुलनात्मक नज़र डालने से चौंकाने वाली समानताएं सामने आती हैं।

सुशांत और सैफ अली खान दोनों ही बॉलीवुड के जाने-माने सितारों शामिल हैं। दोनों के मामलों में अनगिनत षड्यंत्र की थ्योरी को जन्म दिया है और दोनों ने ही जांच एजेंसियों को जांच के दायरे में ला खड़ा किया है। सैफ अली खान पर हमले के दस दिन बाद, पुलिस की कहानी पर शक उभर कर सामने आए हैं। न केवल विपक्षी दलों से बल्कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने भी सैफ अली खान के मामले में सवाल उठाए हैं। सैफ अली खान के मामले से जुड़े वो पांच सवाल जिनके अब तक नहीं मिले जवाब

  • 1.क्या हिरासत में लिया गया बांग्लादेशी व्यक्ति असली अपराधी है?

घटना के दिन जारी की गई संदिग्ध हमलावर की सीसीटीवी तस्वीर और पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के लुक में काफी अंतर है। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति युवा और गोरा दिखाई दे रहा है, जबकि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति उम्र में बड़ा और सांवला दिख रहा है। इसके अलावा, उनके चेहरों की अन्य विशेषताएं भी मेल नहीं खाती हैं। पुलिस का यह दावा कि आरोपी शरीफ़ुल हमले के बाद दूसरे राज्य भागने के बजाय ठाणे के मैंग्रोव में छिपा था, यह भी शक पैदा करता है। पुलिस पर इस मामले को जल्दी सुलझाने का दबाव है और यही वजह है कि हम सिर्फ उम्मीद कर सकते हैं कि पुलिस ने कोई जल्दबाजी में गलती नहीं की हो।

  • आरोपी ने बेहद सेफ घर में कैसे घुसपैठ की?


सैफ की बिल्डिंग में अंदर और बाहर दोनों जगह सीसीटीवी निगरानी रहती है और यहां कुछ विदेशी राजनयिक भी रहते हैं, जिससे यह जगह बेहद सुरक्षित मानी जाती है। इसके अलावा, सैफ के फ्लैट में प्रवेश करने के लिए बायोमेट्रिक स्कैन की जरूरत होती है। पुलिस का कहना है कि शरीफ़ुल ने बिल्डिंग के डक्ट पर चढ़कर बाथरूम की खिड़की से अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लोग इसे 'स्पाइडरमैन' जैसी फिल्म के सीन से जोड़ रहे हैं। आरोपी का कहना है कि उसे नहीं पता था कि यह सैफ का घर था। फिर भी, उसने 11वीं मंजिल पर स्थित फ्लैट को क्यों चुना? जबकि निचली मंजिलों पर भी फ्लैट्स थे, इस पर भी संदेह है।

  • चोरी का असली मकसद क्या था?

सैफ की पत्नी करीना कपूर ने कहा कि हमलावर ने, उनके ज्वैलरी को हाथ तक नहीं लगाया गया जबकि वे साफ-साफ वहीं पर दिख रहे थे। इसके बजाय हमलावर ने उनकी नौकरानी को चाकू दिखाकर धमकाया और 1 करोड़ की मांग की। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति घबराए बिना शांति से सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए दिखाया गया। इससे कुछ लोगों को हैरानी हुई कि क्या यह चोरी का मला था या फिर कहानी में कुछ और बात छिपी है।

  • हेक्साब्लेड या चाकू?

सैफ की नौकरानी ने पहले बताया था कि हमलावर हेक्साब्लेड (एक तरह का तेज़ ब्लेड) लेकर आया था, लेकिन सैफ के जख्मों से यह लगता है कि हमलावर ने चाकू का इस्तेमाल किया था। कुछ चाकू के टुकड़े भी बरामद किए गए हैं और शरीफ़ुल ने भी यह स्वीकार किया कि उसने चाकू का इस्तेमाल किया था। इन सभी मिलते-जुलते और विरोधी बयान से हमले में इस्तेमाल हुए हथियार को लेकर भ्रम और बढ़ गया है।

  • सैफ अली खान का जल्दी ठीक होना

सैफ अली खान की अस्पताल से बाहर निकलते हुए फुटेज ने लोगों को चौंका दिया, क्योंकि सिर्फ पाँच दिन बाद ही वह पूरी तरह से स्वस्थ दिखाई दे रहे थे। उनके हाथ में एक काली पट्टी थी, लेकिन किसी ऐसे व्यक्ति का कोई संकेत नहीं था जिसे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था और खून से लथपथ बताया गया था। इस पर कई सवाल उठने लगे हैं। शिवसेना नेता संजय निरुपम और भाजपा मंत्री नितेश राणे ने पूछा कि क्या सैफ पर हुआ हमला असली था या इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया था।

पुलिस की जांच अभी भी जारी है। पुलिस को आरोपी के कपड़े और सैफ के खून का मिलान करने के लिए फिंगरप्रिंट और खून के सैंपल का टेस्ट कराना बाकी है। जब तक पुलिस अपने बयान को साबित करने के लिए ठोस सबूत नहीं देती, तब तक मीडिया, यूट्यूबर्स और राजनेताओं द्वारा चलाए जा रहे कयासों और बिना आधार के थ्योरी से यह मामला और बढ़ेगा। अब बस समय ही बताएगा कि सैफ अली खान की कहानी की असल सच्चाई क्या है, या फिर यह एक और अनसुलझी गुत्थी बनकर रह जाएगी।

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