निजी कंपनियों के जरिए लिथियम माइनिंग का रास्ता साफ़ हो गया है। सरकार ने लिथियम माइनिंग नीलामी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक लिथियम सहित 6 मिनरल माइनिंग से प्रतिबंध हटा दिया गया है। इसके लिए कैबिनेट ने MMDR एक्ट में संशोधन को मंजूरी दी है। आज हुई कैबिनेट की बैठक में निजी कंपनियों के जरिए लिथियम माइनिंग के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर कर लिया गया है। कैबिनेट ने लिथियम माइनिंग नीलामी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने अपने ग्रीन एनर्जी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में ये कदम उठाया है।
इस खबर पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा आज कैबिनेट बैठक में सरकार ने लीथियम नीलामी को लेकर बड़ा फैसला किया। इसके तहत सरकार अब लीथियम की नीलामी कर सकेगी। इस नीलामी में प्राइवेट कंपनियां भी हिस्सा ले सकेंगी। अभी तक केवल सरकारी कंपनियां ही लीथियम की माइनिंग करती थीं। इस फैसले के बाद अब निजी कंपनियां भी लीथियम की माइनिंग कर सकेंगी।
लक्ष्मण ने आगे कहा कि इसका फायदा ये होगा कि इससे लीथियम की माइनिंग का वॉल्यूम बढ़ेगा। लीथियम का ज्यादा उत्पादन होगा। इससे बाजार में लीथियम बैटरी बनाने वाली कंपनियों को बड़ी मात्रा मे रॉ मटेरियल यानी कि कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा। संसद के मॉनसून सत्र में इसकी मंजूरी के लिए बिल लाया जाएगा।
अभी तक नेशनल सिक्योरिटी के लिहाज से होता था लीथियम का उपयोग
अभी तक भारत में लीथियम रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में आता है। इसका इस्तेमाल केवल नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े कामों में किया जाता है। इसका कमर्शियल उपयोग नहीं होता है। इस लिहाज से पिछले 1 साल में लीथियम बैटरी का इंपोर्ट 53 प्रतिशत तक बढ़ा है। सरकार ने 2030 तक 500 गीगा वाट ग्रीन एनर्जी का लक्ष्य रखा है। इसको पूरा करने के लिए लीथियम बैटरी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।
लीथियम बैटरी बनाने वाली कंपनियों के लिए ये फैसला काफी अहम
देश में ग्रीन एनर्जी का लक्ष्य पूरा करने के लिए लीथियम बैटरी की भूमिका काफी अहम है। ऐसे में लीथियम बैटरी बनाने वाली कंपनियों के लिए सरकार ये फैसला काफी अहम है। इससे कंपनियों को बड़ी मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा। देश में लीथयम बैटरी का उत्पादन बढ़ने की संभावना है।
लिथियम के साथ इन पांच मिनरल्स की भी हो सकेगी कमर्शियल माइनिंग
कैबिनेट ने Mines and Minerals Development and Regulation (MMDR) एक्ट में संशोधन को मंजूरी दी है। इससे lithium के साथ ही बेरिलियम, टाइटेनियम, नाइओबियम, टैंटलम और जिरकोनियम जैसे मिनरल्स की भी कमर्शियल माइनिंग हो सकेगी।
इन खनिजों यानी कि lithium, beryllium, titanium, niobium, tantalum और zirconium का उपगोय स्पेसटेक उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्यूनिकेशंस में होता है। इससे भारत के एनर्जी ट्रांजीशन में भी मदद मिलेगी।