सरकार सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय 24 दिसंबर को इनफ्लुएंसर पर अपनी गाइडलाइंस जारी करेगा। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर पर ब्रांड के साथ संबध घोषित नहीं करने पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
खबर पर विस्तार से जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज के संवाददाता असीम मनचंदा ने कहा कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर पर सरकार नकेल कसने की तैयारी में है। जिसके तहत अब सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर पर भी जुर्माना हो सकेगा। सोशल मीडिया के फाइनेंशियल इन्फुलेंसर्स भी इसके दायरे में आएंगे।
सूत्रों के मुताबिक सरकार FTC की तर्ज पर सोशल मीडिया इन्फुलेंसर्स के लिए गाइडलाइंस लाएगी। सूत्रों के अनुसार ब्रांड प्रमोशन को अनिवार्य तौर पर घोषित करना होगा । इन्फुलेंसर्स को ब्रांड के साथ अपने संबंध को घोषित करना होगा । साथ ही ब्रांड से मिलने वाले पैसे, प्रोडक्ट, गिफ्ट्स, डिस्काउंट को बताना होगा। इसके लिए सरकार 24 दिसंबर को गाइडलाइंस जारी कर सकती है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर क्या होता है
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ऐसे यूजर, व्यक्ति या सख्स को कहा जाता है, जिनके सोशल मीडिया हैंडल या अकाउंट से काफी ज्यादा Followers जुड़े होते है । वे अपने किसी विशेष क्षेत्र या इंडस्ट्री में अनुभव और ज्ञान के आधार पर विश्वनीयता को बनाते है । लोग उनके द्वारा शेयर किए गए पोस्ट या कंटेंट को काफी पसंद करते है, उनके कंटेंट पर ज्यादा से ज्यादा लोग लाइक करते है और बहुत से लोगों द्वारा शेयर भी किया जाता है । इससे उनके कंटेंट ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँच जाते है । ऐसे लोग अन्य लोगो को अपनी सिफारिश से प्रभावित कर सकते है । इसका मतलब है कि वे सोशल मीडिया पर अपने कंटेंट के जरिए किसी प्रोडक्ट या किसी भी चीज की एक प्रकार से मार्केटिंग कर सकते है । सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के जरिए लोगो के खरीददारी जैसे निर्णय को प्रभावित किया जा सकता है । एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सेलेब्रिटी से लेकर ब्लॉगर या व्यवसायी में से कोई भी हो सकता है ।