SSC Scam News: पार्थ चटर्जी ने अपने बॉडीगार्ड के 10 रिश्तेदारों को स्कूल में नौकरी दिलाने में की मदद! शिक्षक भर्ती घोटाले में आया नया मोड़

कोलकाता की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी मानी जा रही अर्पिता मुखर्जी को 10 दिनों की हिरासत में दे दिया है

अपडेटेड Jul 26, 2022 पर 1:23 PM
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बंगाल सरकार में उद्योग और वाणिज्य मंत्री चटर्जी को कथित स्कूल रोजगार घोटाले के संबंध में ED ने गिरफ्तार किया था

पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) को अब नए सिरे से जांच का सामना करना पड़ सकता है। शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने अपने बॉडीगार्ड के 10 रिश्तेदारों को स्कूल में नौकरी दिलाने में मदद की। इस मामले को उठाते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।

याचिकाकर्ता के वकील सुदीप्तो दासगुप्ता ने न्यूज 18 से कहा कि अदालत ने मेन एसएससी घोटाला मामले में एक नई पार्टी को जोड़ने के लिए कहा है। 17 अगस्त तक उन्हें अपनी नौकरी के डिटेल्स के बारे में एक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। दासगुप्ता के मुताबिक, चटर्जी के बॉडीगार्ड बिश्वंभर मंडल के परिवार के कई सदस्यों को नौकरी मिली हैं।

आपको बता दें कि चटर्जी 2014 से 2021 तक राज्य के शिक्षा मंत्री थे। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भी इस साल अप्रैल और मई में घोटाले के सिलसिले में टीएमसी नेता से पूछताछ की थी।


चटर्जी की सहयोगी अर्पिता को भी उनकी गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद गिरफ्तार किया गया था। अर्पिता के आवासीय परिसरों की तलाशी के दौरान ईडी को 21 करोड़ रुपये की नकदी और अन्य कीमती सामान मिले थे। एजेंसी ने कहा कि बरामद करेंसी एसएससी घोटाले के दौरान मिलने का संदेह है।

कौन है बॉडीगार्ड?

बॉडीगार्ड बिश्वंभर मंडल का घर पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर इलाके में है। आरोप लगाया गया है कि उसके दोनों भाइयों बंगशगोपाल और देवगोपाल एवं उसके चचेरे भाइयों को स्कूल में सरकारी नौकरी मिल गई है। टीएमसी नेता बंगशागोपाल ने News18 को बताया कि यह सब राजनीतिक प्रतिशोध है। वे ईर्ष्यालु हैं। हम सभी को उचित माध्यमों से रोजगार मिला है।

यह पूछे जाने पर कि उन सभी को एक ही समय में नौकरी कैसे मिल गई? इस पर उन्होंने फिर कहा कि यह सब राजनीति है और उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। सूत्रों ने कहा कि बिश्वंभर चटर्जी के बॉडीगार्ड हुआ करते थे, लेकिन कुछ समय से उनके घर नहीं गए, क्योंकि पूरे इलाके में उनकी काफी चर्चा हो रही है।

अदालत ने 10 दिन की ईडी हिरासत में भेजा

कोलकाता की एक अदालत ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी मानी जा रही अर्पिता मुखर्जी को 10 दिनों की हिरासत में दे दिया। दोनों को स्कूल भर्ती घोटाले की ईडी की जांच के संबंध में गिरफ्तार किया गया है।

ED ने चटर्जी की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत मांगी थी। ईडी ने इस बात का जिक्र किया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर ने चटर्जी की जांच के बाद कहा है कि उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है।

मंत्री की जमानत याचिका खारिज करते हुए बैंकशाल कोर्ट में ईडी की विशेष अदालत के जज जीबोन कुमार साधू ने मंत्री तथा मुखर्जी को तीन अगस्त तक के लिए जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया। अदालत ने रात करीब 11 बजे अपने आदेश में कहा कि 22 जुलाई को गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को तीन अगस्त को फिर से अदालत में पेश किया जाए।

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