Bihar Politics: इस धारणा के खिलाफ कि RJD-JDU गठबंधन की नई सरकार में बिहार (Bihar) में फिर से अराजकता बढ़ गई है, नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने एक सख्त कदम उठाया है। नतीश सरकार ने बुधवार को कार्तिक कुमार (Kartik Kumar) को कानून मंत्री (Law Minister) के पद से हटा दिया और उन्हें लो-प्रोफाइल गन्ना विभाग अलॉट कर दिया गया। कार्तिक कुमार मंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही विवादों में घिरे थे।
बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सलाह पर राज्यपाल सचिवालय की तरफ से 30 अगस्त के एक आदेश के आलोक में कार्तिक कुमार को विधि विभाग की जगह पर गन्ना उद्योग विभाग और शमीम अहमद को गन्ना उद्योग विभाग की जगह पर विधि विभाग का प्रभार अगले आदेश तक सौंपा गया है।
कार्तिक कुमार को अपहरण के एक मामले में 16 अगस्त को पटना जिला के दानापुर की एक अदालत में आत्मसमर्पण करना था। उसी दिन ही उन्होंने बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कोटे से मंत्री के रूप में शपथ ली थी।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया था कि अपहरण के एक मामले में समन जारी होने के बावजूद पेश नहीं होने पर कार्तिक के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। उन्होंने उसी दिन ही शपथ ग्रहण कर ली, जिस दिन उन्हें एक अदालत में पेश होना था।
कार्तिक पर लगाए गए आरोपों के बारे में 17 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और RJD नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने 18 अगस्त को कहा था, "वारंट के बाद अदालत ने गिरफ्तारी के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। उनको अभी तक अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है। हम अदालत के निर्देशों का पालन करेंगे।"
कार्तिक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लंबित होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सुशील के बारे में कहा था, "यह सब गलत है।"
बिहार में नए महागठबंधन सरकार का बाहर से समर्थन कर रही CPIM ने 17 अगस्त को कहा था कि कानून मंत्री को बनाए रखने से सरकार की छवि खराब होगी।
वर्तमान महागठबंधन में जनता दल (यूनाइटेड), RJD, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा शामिल है।