Hijab Row: प्रियंका गांधी बोलीं- 'बिकिनी, घूंघट या हिजाब- यह तय करना महिलाओं का अधिकार है कि उन्हें क्या पहनना है', राहुल गांधी ने भी किया समर्थन

प्रियंका गांधी वाड्रा ने #ladkihoonladsaktihoon के साथ ट्वीट किया, "चाहे वह बिकनी हो, घूंघट हो, जींस हो या हिजाब हो, यह फैसला करने का अधिकार महिलाओं का है कि उन्हें क्या पहनना है"

अपडेटेड Feb 09, 2022 पर 6:09 PM
कर्नाटक के कुछ शिक्षण संस्थानों में हाल के दिनों में ‘हिजाब’ के पक्ष और विपक्ष में प्रदर्शन हुए हैं

Karnataka Hijab Row: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने कर्नाटक के कुछ कॉलेजों में हिजाब को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच बुधवार को कहा कि यह फैसला करना महिलाओं का अधिकार है कि उन्हें क्या पहनना है तथा पहनावे को लेकर उत्पीड़न बंद होना चाहिए।

प्रियंका गांधी ने #ladkihoonladsaktihoon हैशटैग के साथ ट्वीट किया, "चाहे वह बिकनी हो, घूंघट हो, जींस हो या हिजाब हो, यह फैसला करने का अधिकार महिलाओं का है कि उन्हें क्या पहनना है।" प्रियंका गांधी ने कहा, "इस अधिकार की गारंटी भारतीय संविधान ने दी है। महिलाओं का उत्पीड़न बंद करो।"


वहीं, प्रियंका गांधी के इस ट्वीट पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी समर्थन किया है। कांग्रेस सांसद ने अपनी बहन के ट्वीट का जवाब 'थम्स-अप' इमोजी के साथ दिया। उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से शुरू हो रहे सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" कांग्रेस की जंग का नारा है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण को प्रमुख मुद्दों में से एक के रूप में देखा है, जिसमें प्रियंका गांधी इस प्रभार का नेतृत्व कर रही हैं।

पिछले हफ्ते राहुल गांधी ने भी कक्षाओं में छात्रों के हिजाब पहनने के अधिकार के समर्थन में ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था कि "छात्रों के हिजाब को उनकी शिक्षा के रास्ते में लाने से, हम भारत की बेटियों का भविष्य छीन रहे हैं। मां सरस्वती सभी को ज्ञान देती हैं। वह भेद नहीं करतीं।"

कर्नाटक में हिजाब पर विवाद

दरअसल, कर्नाटक के कुछ शिक्षण संस्थानों में हाल के दिनों में ‘हिजाब’ के पक्ष और विपक्ष में प्रदर्शन हुए हैं। इस विवाद के बीच राज्य सरकार ने प्रदेश में अगले तीन दिन तक स्कूल और कॉलेज में अवकाश की घोषणा की है। हिजाब को लेकर विवाद के चलते कर्नाटक में शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को पूरे राज्य में फैल गया। कॉलेज परिसरों में पथराव की घटनाओं के कारण पुलिस को बल प्रयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जहां टकराव जैसी स्थिति देखने को मिली।

इस बीच, कर्नाटक सरकार और हाई कोर्ट ने शांति बनाए रखने की अपील की है। अदालत, हिजाब पहनने के छात्राओं के अधिकार के लिए उनकी एक याचिका पर विचार कर रही है। उडुपी जिले के मणिपाल स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज में मंगलवार को उस समय तनाव काफी बढ़ गया, जब भगवा शॉल ओढ़े छात्र और हिजाब पहनी छात्राओं के दो समूहों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में मांडया में लड़कों का एक ग्रुप हिजाब पहनी लड़कियों से बदसलूकी करते नजर आ रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इन लड़कियों के पक्ष में समर्थन उमड़ पड़ा। हिजाब पहनने के अधिकार की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रखने पर जोर देने वाली लड़की ने कहा कि उसे शिक्षकों का समर्थन प्राप्त है और भगवा शॉल ओढ़े उसे रोकने वाले लड़के बाहरी थे।

इसी तरह की घटना शिवमोगा जिले में भी होने की सूचना है। वहां छात्रों सहित कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। मंगलवार को शिवमोगा शहर में दो दिनों के लिए सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी गई। इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि मैं सभी छात्रों, शिक्षकों और कॉलेजों से तथा कर्नाटक के लोगों से शांति एवं सौहाद्र बनाए रखने की अपील करता हूं।

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