Karnataka Election 2023: राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 10 अप्रैल को वापस उसी जगह लौटेंगे, जहां से मानहानी और अयोग्यता का तूफान खड़ा हुआ था, यानी कोलार (Kolar)। कर्नाटक (Karnataka) कांग्रेस (Congress) इस राहुल की कोलार यात्रा को मिली जुली भावनाओं के साथ देख रही है। चुनावी अभियान शुरू करने का फैसला टीम राहुल ने इस विचार के साथ लिया था कि वह उस जगह पर वापस जाकर दिखाएंगे, जहां उन्होंने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया था। साथ ही उन्होंने माफी मांगने के बजाए कानूनी प्रक्रिया का सामना किया और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।
कर्नाटक कांग्रेस के सूत्रों ने News18 को बताया कि बेहतर होता अगर वह अपने पहले पड़ाव के रूप में कोलार से बचते, क्योंकि इससे BJP को एक प्वाइंट देने से बचा जा सकता था। राज्य में BJP 10 मई के विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता वापसी की चुनौतियों का सामना कर रही है।
लेकिन राज्य के नेताओं कार्यक्रम वाली जगह से ज्यादा चिंता इस बात की है कि राहुल गांधी यहां क्या कहेंगे। इस बात की बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं कि वह सूरत अदालत के फैसले के बारे में जरूर बोलेंगे। वह ये भी प्वाइंट उठाएंगे कि कथित तौर PM मोदी और अदाणी के बीच संबंध को लेकर बार-बार उठाए गए उनके सवालों के कारण ही BJP को उन्हें संसद से बाहर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसलिए राहुल अदाणी का मुद्दा उठाएंगे।
चुनावों के प्रबंधन में शामिल कर्नाटक कांग्रेस के एक शीर्ष सूत्र ने कहा, "हमने इसे उनकी टीम को बता दिया है और उन्हें सलाह दी है। हमें उम्मीद है कि वह इस मुद्दे को ज्यादा नहीं उठाएंगे। एक या दो बार काफी है। आखिरकार असली मुद्दे स्थानीय हैं, जैसे बोम्मई सरकार में भ्रष्टाचार।"
सूत्रों का मानना है कि राहुल गांधी अपनी बात और दिमाग के लिए जाने जाते हैं, और ये बहुत संभव है कि वह स्थानीय नेताओं की ऐसी चिंताओं पर ध्यान नहीं देंगे।
हाल ही में, News18 ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि बीजेपी उम्मीद कर रही है कि अयोग्य सांसद राष्ट्रीय मुद्दों को उठाएंगे, ताकि कर्नाटक में लड़ाई मोदी बनाम राहुल बन जाए। बीजेपी का अनुमान है कि इससे उसे राज्य चुनाव के दौरान स्थानीय मुद्दों से बचने में मदद मिलेगी, जहां उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।