Karnataka-Maharashtra Border Dispute: महाराष्ट्र (Maharashtra) और कर्नाटक (Karnataka) के बीच चल रहा सीमा विवाद (Border Dispute) मंगलवार को काफी ज्यादा बढ़ गया, क्योंकि कोल्हापुर से राज्य परिवहन की बसों को बेलगावी (Belagavi) और निपानी जैसे विवादित सीमावर्ती इलाकों में जाने से रोक दिया गया। कर्नाटक के प्रदर्शनकारियों ने कुछ बसों को भी काली स्याही से रंग दिया। महाराष्ट्र के राजनीतिक नेताओं ने केंद्र के हस्तक्षेप की मांग शुरू कर दी। कर्नाटक के बेलगावी में राज्य की गाड़ियों को भी निशाना बनाया जा रहा था।
इस बीच, NCP नेता शरद पवार (Sharad Pawar) ने मंगलवार को महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद (Karnataka-Maharashtra Border Dispute) पर मीडिया को संबोधित किया। NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा, "अगर कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) भड़काऊ बयान देने वाले हैं, तो केंद्र को हस्तक्षेप करना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि वह महाराष्ट्र के सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के पास एक प्रतिनिधिमंडल ले जाने का अनुरोध करेंगे, क्योंकि संसद का शीतकालीन सत्र कल से शुरू हो रहा है।
उन्होंने कहा कि विवादित क्षेत्र बेलागवी में, जो कुछ हो रहा है, उससे वह चिंतित हैं। बेलागवी में मराठी लोग 'आतंकि' माहौल में रह रहे हैं।
उन्होंने कहा, "वहां के लोग अक्सर मेरे संपर्क में आते हैं और मैं जो सुन रहा हूं वह डरे हुए हैं। अगर अगले 24 घंटों में महाराष्ट्र से जाने वाली गाड़ियों पर हमले नहीं रुके, तो इसके लिए कर्नाटक के सीएम बोम्मई जिम्मेदार होंगे।"
पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों ने एक समझ की स्थिति बनाए रखी है, लेकिन कर्नाटक सरकार की तरफ से उकसाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों (बसवराज बोम्मई और एकनाथ शिंदे) को स्थिति को कम करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए था। कर्नाटक वाले कानून अपने हाथ में ले रहे हैं।"
मंत्रियों को रद्द करना पड़ा दौरा
इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई से बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार सीमाओं की रक्षा करने और कन्नडिगाओं के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
महाराष्ट्र सरकार ने चंद्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई को सीमा मुद्दे को सुलझाने के लिए बेलगावी जाने का निर्देश दिया था, लेकिन अब उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। पाटिल और देसाई को इस मुद्दे के लिए समन्वय मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंत्रियों को बेलगावी की यात्रा ने करने की सलाह दी थी।
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद का इतिहास
दरअसल 1960 में अस्तित्व में आने के बाद से महाराष्ट्र, बेलगाम जिले और 80 दूसरे मराठी भाषी गांवों के स्टेटस को लेकर कर्नाटक के साथ एक विवाद में उलझा हुआ है, जो दक्षिणी राज्य के नियंत्रण में हैं।
बेलगाम या बेलगावी वर्तमान में कर्नाटक का हिस्सा है, लेकिन महाराष्ट्र इस पर अपना दावा करता है। कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद बढ़ने के बाद बेलगावी में कई अप्रिय घटनाएं हुईं।
ताजा विवाद मंगलवार को तब भड़का, जब बागेवाड़ी में कर्नाटक रक्षण वेदिके के कार्यकर्ताओं ने उन ट्रकों को रोका जिन पर महाराष्ट्र की नंबर प्लेट लगी थी। इस दौरान एक ट्रक पर पथराव भी किया गया। इतना ही नहीं कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर धरना-प्रदर्शन भी किया। इस दौरान पुलिस ने कुछ को हिरासत में ले लिया।