नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर पूछताछ के लिए प्रर्वतन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंच चुके हैं। नेशनल हेराल्ड-एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड सौदे संबंधी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राहुल गांधी सोमवार सुबह प्रर्वतन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। इस दौरान राहुल गांधी से करीब तीन घंटे तक एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने सवाल-जवाब किए।
राहुल गांधी को जांच एजेंसी ने लंच के लिए ईडी दफ्तर से बाहर निकलने की इजाजत दी थी। लंच के बाद राहुल से एक बार फिर पूछताछ शुरू हो चुकी है। लंच टाइम में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे। सोनिया गांधी को 12 जून को COVID से संबंधित मुद्दों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कांग्रेस ने किया सत्याग्रह
एजेंसी के सामने पेशी के दौरान कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं, सांसद एवं पदाधिकारियों ने दिल्ली में ईडी के मुख्यालय तक विरोध मार्च निकाला और सत्याग्रह का आयोजन किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी की प्रर्वतन निदेशालय (ED) के समक्ष सोमवार को पेशी के दौरान पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा मार्च निकालने और सत्याग्रह किए जाने को बीजेपी ने जांच एजेंसी पर खुलेआम दबाव डालने की कांग्रेस की रणनीति करार दिया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के समर्थन में किए गए इस आयोजन का उद्देश्य गांधी परिवार की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति बचाना है।
पैदल ED दफ्तर पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी पहले अपने आवास 12 तुगलक लेन से पार्टी मुख्यालय 24 अकबर रोड पहुंचे। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं। इसके बाद वह एपीजे अब्दुल कलाम रोड स्थित ईडी कार्यालय की तरफ पैदल रवाना हुए। इस दौरान उनके साथ पार्टी के कई अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे। जांच एजेंसी ने इससे पहले राहुल गांधी को दो जून को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने पेश होने के लिए कोई दूसरी तारीख देने का अनुरोध करते हुए कहा था कि वह देश से बाहर हैं।
जांच एजेंसी ने इसी मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 23 जून को तलब किया है। पहले उन्हें 8 जून को पेश होने के लिए नोटिस दिया गया था। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष ने पेश होने के लिए और समय मांगा था, क्योंकि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। अब तक स्वस्थ नहीं हुई हैं। कांग्रेस का कहना है कि उसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। ED की कार्रवाई बदले की राजनीति के तहत की जा रही है। उसने यह भी कहा है कि वह एवं उसका नेतृत्व झुकने वाले नहीं है।
हिरासत में लिए गए कई कांग्रेस नेता
राहुल गांधी की ED के समक्ष पेशी पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के समर्थन में मार्च निकाला जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। मुख्य विपक्षी दल ने यह आरोप लगाया कि राहुल गांधी की ईडी के समक्ष पेशी पर पार्टी के ‘सत्याग्रह’ को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नई दिल्ली इलाके में ‘अघोषित आपातकाल’ लगा दिया।
कांग्रेस के मार्च और ‘सत्याग्रह’ को देखते हुए पुलिस ने ‘24 अकबर रोड’ (कांग्रेस मुख्यालय) जाने वाले कई रास्तों पर बैरिकेट्स लगा दिए थे और इलाके में धारा 144 लागू कर दी थी। राहुल गांधी एपीजे अब्दुल्ल कलाम रोड स्थित ईडी मुख्यालय तक जाने के लिए कांग्रेस मुख्यालय से पैदल निकले और इस मौके पर उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता भी थे।
प्रियंका ने थाने में की नेताओं से मुलाकात
पुलिस ने मार्च के शुरू होने के कुछ देर बाद कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को रोक लिया और उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में राहुल गांधी गाड़ी में सवार होकर ईडी मुख्यालय पहुंचे।
कांग्रेस के अनुसार, उसके संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, वरिष्ठ नेता हरीश रावत और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। बाद में प्रियंका गांधी वाड्रा ने तुगलक रोड थाने पहुंचकर हिरासत में लिए गए सभी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।