एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच की तरफ हलफनामों के विश्लेषण के अनुसार, उत्तर प्रदेश में, तीसरे चरण के चुनाव लड़ने वाले 623 उम्मीदवारों में से 135 (22 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीसरे चरण में कुल 627 उम्मीदवार मैदान में हैं। ADR ने चार उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण नहीं किया है, क्योंकि वे या तो अधूरे थे या ठीक से स्कैन नहीं किए गए थे।
रिपोर्ट के लिए विश्लेषण किए गए समाजवादी पार्टी के 58 उम्मीदवारों में से 30 (52 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। ADR की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, BJP में 55 उम्मीदवारों में से 25 (46 फीसदी) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। बहुजन समाज पार्टी के 59 उम्मीदवारों में से 23 (39 प्रतिशत) ने घोषणा की है कि उनके खिलाफ मामले हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के 36 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के मामले में यह आंकड़ा 22 फीसदी है।
ADR के अनुसार, तीसरे चरण में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 11 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित मामलों की घोषणा की है। इनमें से दो उम्मीदवारों के खिलाफ दुष्कर्म के मामले दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश के दो चुनाव उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या के मामले घोषित किए हैं।
उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण के मतदान में 59 निर्वाचन क्षेत्रों में से 26 रेड-अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र हैं। जिन निर्वाचन क्षेत्रों में तीन या ज्यादा उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं, उन्हें "रेड-अलर्ट" निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में बांटा गया है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सात चरणों में होंगे। दो पहले ही हो चुके हैं। तीसरे चरण का चुनाव 20 फरवरी को, चौथे चरण में 23 फरवरी को, पांचवें चरण का 27 फरवरी को, छठे चरण का 3 मार्च को और सातवें चरण का चुनाव 7 मार्च को होना है। पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के साथ 10 मार्च को वोटों की गिनती होगी।