Anshuman Gaekwad: दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कोच अशुमान गायकवाड़ का कैंसर से निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

Anshuman Gaikwad passed away: पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंशुमान गायकवाड़ का 71 साल की उम्र में ब्लड कैंसर की वजह से निधन हो गया है। वो टीम इंडिया के कोच भी रह चुके हैं। गायकवाड़ ने 40 टेस्ट मैचों के अपने करियर में 30.07 की औसत से 1985 रन बनाए थे। जिसमें 2 शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं

अपडेटेड Aug 01, 2024 पर 8:35 AM
Anshuman Gaikwad passed away: गायकवाड़ का बेस्ट स्कोर 201 रन रहा है। यह उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ बनाए थे।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंशुमान गायकवाड का 71 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे लंबे समय से ब्लड कैंसर से पीड़ित थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने गायकवाड़ के इलाज के लिए 1 करोड़ रुपए की मदद भी की थी। गायकवाड़ लंदन किंग्स कॉलेज अस्पताल में ब्लड कैंसर का इलाज भी कराए थे। एक महीना पहले वो भारत आए थे और बड़ौदा में अपना इलाज करा रहे थे। गायकवाड़ की मदद के लिए पूर्व क्रिकेटर कपिल देव बीड़ा उठया था। उन्होंने अपनी पेंशन डोनेट करने का फैसला किया था। मोह‍िंदर अमरनाथ, संदीप पाट‍िल, मदन लाल और कीर्ति आजाद भी अपने साथी खिलाड़ी की मदद के लिए आगे आए थे।

गायकवाड़ के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गहरा शोक प्रकट किया। पीएम मोदी ने कहा कि गायकवाड़ एक गिफ्टेड प्लेयर थे और एक बेहतरीन कोच थे। उनके निधन से बहुत दुख हुआ। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं हैं। वहीं BCCI के सचिव जय शाह और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अंशुमान गायकवाड़ के निधन पर दुख जताते हुए इसे भारतीय क्रिकेट के लिए सदमा बताया है।


टीम इंडिया के कोच रह चुके थे गायकवाड़

अंशुमान गायकवाड़ टीम इंडिया के कोच भी रह चुके थे। उन्होंने 40 टेस्ट मैचों के अपने करियर में 30.07 की औसत से 1985 रन बनाए थे। जिसमें 2 शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं। गायकवाड़ का बेस्ट स्कोर 201 रन रहा है। यह उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ बनाए थे। अंशुमान गायकवाड दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर के ओपनिंग पार्टनर थे। उन्हें सुनिल गावस्कर का 'राइट हैंड' कहा जाता था। गायकवाड डिफेंसिव तकनीक के बैटर थे। उन्हें 'द ग्रेट वॉल' भी कहा जाता था। गायकवाड ने 1983-84 में जालंधर टेस्ट मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 201 रन बनाने के लिए 671 मिनट बल्लेबाजी की थी। ‌यह उस वक्त का फर्स्ट क्लास क्रिकेट का सबसे धीमा दोहरा शतक था।

अंशुमान का क्रिकेटिंग करियर

अंशुमान ने 27 दिसंबर 1974 को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। गायकवाड़ 1984 में कोलकाता में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच खेले थे। साल 1976 में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज का दौरा किया था। इस सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में माइकल होल्डिंग की एक गेंद गायकवाड के कान पर जा लगी थी। उन्हें अस्पताल जाना पड़ा था। जून 2018 में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने गायकवाड को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया। अंशुमान गायकवाड के पिता दत्ता गायकवाड भी क्रिकेटर रहे हैं। उन्होंने 11 टेस्ट मैच खेले हैं। वे 1959 में टीम के कैप्टन भी थे।

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