Champions Trophy 2025 : चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत का जीत का सिलसिला जारी है। भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर करारी शिकस्त दी है। टीम इंडिया ने अपने दूसरे मैच में पाकिस्तान को 6 विकेट से हरा मात दी। इस जीत के साथ ही मेन इन ब्लू ने सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। पाकिस्तान की मेजबानी में हो रही चैंपियंस ट्रॉफी में अब उसपर ही टूर्मामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं 28 साल बाद हो पाकिस्तान में हो रहे इस टूर्नामेंट को लेकर एक बेहद ही चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने टूर्नामेंट को लेकर एक अलर्ट जारी किया है।
सीएनएन-न्यूज18 के मुताबिक, पाकिस्तान के खुफिया ब्यूरो ने सोमवार को हाई अलर्ट जारी किया। इसमें सुरक्षा बलों को चेतावनी दी गई कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में शामिल विदेशी मेहमानों के किडनैपिंग की साजिश रची जा रही है। सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), आईएसआईएस और बलूचिस्तान के अन्य आतंकी समूहों के खिलाफ अलर्ट जारी किया गया है। पहले भी पाकिस्तान पर विदेशी नागरिकों पर हमलों को गंभीरता से न लेने के आरोप लगे हैं। 2024 में शांगला में चीनी इंजीनियरों पर हमला और 2009 में लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हमला, उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
बता दें कि चैंपियंस ट्रॉफी को पहले ICC नॉकआउट कहा जाता था। इसका पहला आयोजन 1998 में ढाका और दूसरा 2000 में नैरोबी में हुआ था। ICC की वेबसाइट के अनुसार, 2002 में इसका नाम बदलकर ICC चैंपियंस ट्रॉफी कर दिया गया और 2009 तक हर दो साल में इसका आयोजन हुआ। 2008 में पाकिस्तान में प्रस्तावित टूर्नामेंट रद्द होने के बाद इसे दक्षिण अफ्रीका में कराया गया। इसके बाद यह चार साल में एक बार होने लगा, जिसमें ICC की वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमें खेलती हैं।
भारत ने जाने से किया था इनकार
भारत ने पहले सुरक्षा कारणों के चलते पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था। 2009 में श्रीलंका टीम पर हुए हमले के बाद पाकिस्तान में किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट का आयोजन नहीं हुआ था। वहीं पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर इंजमाम-उल-हक ने 2009 के हमले को याद करते हुए कहा कि इस घटना ने पाकिस्तान क्रिकेट को पीछे धकेल दिया। उन्होंने रॉयटर्स से कहा, "आज हर जगह चैंपियंस ट्रॉफी की चर्चा हो रही है—स्कूल, घर, बाजार और दफ्तरों में। 2009 की घटना किसी बुरे सपने जैसी लगती है। हमें 10 साल तक इसकी सजा मिली, जिससे हमारा क्रिकेट पीछे चला गया।"