ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल विजेता पहलवान बजरंग पुनिया को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) से औपचारिक "आरोप का नोटिस" मिला है। उन्होंने यूरिन सैंपल देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद एक बार फिर NADA की तरफ से उन्हें अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है। पिछले महीने, पुनिया को 10 मार्च को सोनीपत में सिलेक्शन ट्रायल के दौरान NADA को अपने यूरिन सैंपल का सैंपल देने से इनकार करने के बाद अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया था।
ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, 'NDA की ओर से ये नया आदेश गुरुवार को जारी किया गया और उनसे 11 जुलाई तक बजरंग पुनिया को निलंबन पर जवाब देने को कहा गया है।'
कुछ भी गलत नहीं किया है, इसलिए लड़ेंगे
नाडा के अनुसार, बजरंग ने 10 मार्च को सोनीपत में ट्रायल के दौरान अपने यूरिन का सैंपल देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें डोप नियम के उल्लंघन के लिए सस्पेंड कर दिया गया था।
India Today के मुताबिक, बजरंग के वकील विष्णुपत सिंगानिया ने कहा, "हां, हमें नोटिस मिला है और हम इसका जवाब जरूर देंगे। पिछली बार भी हम सुनवाई में शामिल हुए थे और इस बार भी हम अपना जवाब दाखिल करेंगे। उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है, इसलिए लड़ेंगे।"
पहले भी हो चुके हैं सस्पेंड
अपने सस्पेंड होने की की रिपोर्टों के बाद, पहलवान ने साफ किया था कि उन्होंने कभी भी "अपना सैंपल देने से इनकार नहीं किया" और उन्होंने नाडा अधिकारियों से उस एक्सपायर हो चुकी किट के बारे में जवाब मांगा, जो उन्होंने उनका सैंपल लेने के लिए भेजी थी।
बाद में, एंटी डोपिंग डिसिप्लिनरी पैनल (ADAP) ने 30 साल के पहलवान का निलंबन रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया कि NADA ने इस साल मार्च में कथित तौर पर हुए एंटी डोपिंग नियम के उल्लंघन के लिए बजरंग पर औपचारिक रूप से आरोप नहीं लगाया था।