कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडल विजेता नीतू गंघास (Nitu Ghanghas) ने शनिवार को 48 Kg कैटेगरी में महिला विश्व मुक्केबाजी (Women Boxing Championship) चैम्पियनशिप में मंगोलिया की लुतसाईखान अल्तानसेतसेग पर जीत से खिताब अपने नाम किया। भारतीय मुक्केबाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अल्तानसेतसेग को 5-0 से हराकर मिनिमम वेट कैटेगरी का गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
नीतू ने आक्रामक शुरूआत की और अपने मुक्कों का अच्छी तरह इस्तेमाल कर जीत दर्ज की। इस जीत से 2022 स्ट्रैंड्जा मेमोरियल में स्वर्ण पदक जीतने वाली नीतू विश्व चैम्पियन खिताब हासिल करने वाली छठी भारतीय बॉक्सर बनीं।
नीतू ने पहले राउंड की आक्रामक शुरुआत की और पूरे तीन मिनट तक अपना पलड़ा भारी रखा। उनका खेल ऐसा था कि सभी पांच जजों ने उनके पक्ष में राउंड घोषित कर दिया।
दूसरे राउंड में मंगोलियाई खिलाड़ी ने जोरदार जवाबी हमला किया, क्योंकि नीतू ने कई मौकों पर अपना संतुलन खो दिया था। हालांकि, नीतू ने अपना संयम बनाए रखा और कुछ पावरफुल पंच के साथ राउंड 3:2 से जीत लिया।
फाइनल राउंड में भी नीतू का इरादा वही रहा। डायरेक्ट येलो कार्ड मिलने के बावजूद नीतू ने अपना आक्रामक रवैया जारी रखा। उनके प्रतिद्वंद्वी को भी बाद में वही कार्ड मिले, जब उसने प्रतियोगिता में आक्रामकता दिखाने की कोशिश की।
उसके मजबूत आरोप के बावजूद, अधिकारियों ने भारतीय को विजेता घोषित किया, जो टूर्नामेंट में भारत का पहला स्वर्ण पदक भी है।
छह बार की चैम्पियन एम सी मैरीकॉम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आर एल (2006), लेखा केसी (2006) और निकहत जरीन (2022) अन्य मुक्केबाज हैं जिन्होंने विश्व खिताब जीते हैं।