ऋषभ पंत कभी-कभी लापरवाह हो जाते हैं और कुछ ऐसा ही नजारा 27 दिसंबर को देखने को मिला, जब वह मेलबर्न के क्रिकेट मैदान में चल रहे भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच के तीसरे दिन बैटिंग करने उतरे। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि पंत संकट के इस दौर में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएंगे, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहे। दरअसल, भारतीय टीम का स्कोर, ऑस्ट्रेलिया टीम की पहली इनिंग से काफी पीछे था।
पंत और रविंद्र जडेजा ने पिछले दिन के स्कोर (164/5) से आगे बढ़ते हुए 27 रन जोड़े और उसके बाद विकेटकीपर-बैट्समैन ऋषभ पंत ने एक खराब शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया। हालांकि, गैर-परंपरागत बैटिंग स्टाइल को लेकर वह नए थे, लेकिन बॉल को स्कूप करने के चक्कर में डीप थर्डमैन पर उनका कैच लपक लिया गया।
पंत के इस शॉट की वजह से कई क्रिकेट प्रेमी नाराज हो गए और इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया। दरअसल, भारतीय टीम के लिए उस वक्त सावधानीपूर्वक खेलने की जरूरत थी, लेकिन पंत ने बैटिंग को लेकर आक्रामक रुख अपना लिया। जाहिर तौर पर इसको लेकर तीखी प्रतिक्रिया अपेक्षित थी। हालांकि, मामले ने उस वक्त दिलचस्प मोड़ ले लिया, जब सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज भी ऑन एयर अपना आपा खो बैठे। उन्होंने पंत को 'बेवकूफ' करार देते हुए कहा कि इस विकेटकीपर-बैट्समैन को भारत के बजाय ऑस्ट्रेलिया के ड्रेसिंग रूम में जाना चाहिए।
पंत के आउट होने के बाद गावस्कर को ऑन एयर यह कहते हुए सुना गया, 'बेवकूफ, बेवकूफ, बेवकूफ। वहां दो फील्डर्स खड़े थे और इसके बावजूद आपने वहीं शॉट लगाया। आपने पिछला शॉट मिस किया और देखिए कहां पकड़े गए। यह अपना विकेट को जानबूझकर गंवाने जैसा है। खास तौर पर भारत जिस स्थिति मे था, उस स्थिति में ऐसा करना बिल्कुल सही नहीं था। आपको परिस्थितियां भी समझनी पड़ती हैं। आप यह नहीं कह सकते कि यह आपका नेचुरल गेम है। यह बेवकूफाना शॉट था। यह अपनी टीम का बुरी तरह से नुकसान पहुंचाने का मामला है।'
गावस्कर इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने कहा, 'उन्हें ड्रेसिंग रूम में नहीं जाना चाहिए। उन्हें दूसरे ड्रेसिंग रूम में जाना चाहिए।' पिछली बार के दौर में पंत भारतीय टीम के शानदार परफॉर्मर्स में शामिल थे। हालांकि, इस बार उन्होंने 7 इनिंग में सिर्फ 152 रन बनाए हैं।